गुजरात सरकार ने भारी बारिश और 'रेड अलर्ट' के बीच स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की
गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी होने के मद्देनजर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा है। राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों में निर्बाध चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की है।

गांधीनगर, 7 जुलाई । गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी होने के मद्देनजर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा है। राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों में निर्बाध चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की है।
मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर सभी जिलों की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लिया गया।
बैठक के बाद पंशेरिया ने कहा कि सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं क्योंकि मानसून के मौसम में आमतौर पर जलजनित बीमारियों और जहरीले कीड़ों और जानवरों के काटने के मामलों में वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों और जहरीले कीड़ों या जानवरों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य भर में प्रत्येक 108 एम्बुलेंस सेवा में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं की कमी को रोकने के लिए आपातकालीन उपाय भी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में दवाओं की कमी हो जाती है, तो निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से तत्काल आपूर्ति प्राप्त की जा सकती है। यह सुनिश्चित करने के लिए भी मजबूत व्यवस्था की गई है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें।
पंशेरिया ने कहा कि अमरेली के राजुला तालुका और सौराष्ट्र क्षेत्र के साथ-साथ सूरत, नवसारी, वलसाड और दक्षिण गुजरात के पड़ोसी जिलों सहित रेड अलर्ट पर रखे गए जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार ने समग्र स्थिति को गंभीरता से लिया है, और सभी जिलों में स्वास्थ्य टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि गुजरात में फिलहाल कोई गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल या चिंताजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने समीक्षा बैठक को मौसम की स्थिति बिगड़ने से पहले की तैयारियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई एहतियाती कवायद बताया।
Source: IANS

