जमुई मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज, डिप्टी

पटना, 22 सितंबर । बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित बदसलूकी और उसका वीडियो बनाए जाने के मामले में मंगलवार को राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा कि घटना के दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मामले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, मंगलवार को दो मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में गोली लग गयी है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मीडिया द्वारा घटना को सामने लाने से सरकार को भी दोषियों की पहचान में मदद मिली। उन्होंने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तेजी से कार्रवाई की और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने, वीडियो बनाने या उसे वायरल करने में जिसकी भी भूमिका पाई जाएगी, उसकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं, बिहार की मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कार्रवाई आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बेटियों की गरिमा, सुरक्षा और न्याय से कोई समझौता नहीं होगा तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि संवेदनशील मामले में पीड़िता और उसके परिवार की निजता एवं गरिमा का सम्मान करें तथा ऐसी तस्वीर, वीडियो या सामग्री साझा न करें जिससे उसकी पहचान उजागर हो। पुलिस ने भी वायरल सामग्री को हटाने की कार्रवाई शुरू की है और पहचान उजागर करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी मामले को लेकर तेजस्वी यादव पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से घटना का वीडियो बनाया। मांझी ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है और उन्होंने तेजस्वी यादव से अपने समर्थकों को सचेत करने की बात कही।

दूसरी ओर, राजद नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामग्री हटाए जाने को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि विपक्षी नेताओं के पोस्ट भी हटाए गए हैं। उनका आरोप है कि पीड़िता की पहचान उजागर किए बिना पोस्ट किए जाने के बावजूद सामग्री हटाना सूचना के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि जमुई की घटना के बाद दो सुबह बीत चुकी, गवर्नर हॉउस में इस्तीफे का इंतजार अभी भी हो रहा है। यादाश्त चली गयी या गवर्नर हॉउस का रास्ता भूल गए।

इस बीच, मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर बिहार पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को हटाने की अपील की है।

Source: IANS

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