टीएमसी सांसदों ने सरकार को घेरा, राहुल गांधी और प्रियांक खड़गे के बयान का किया समर्थन

नई दिल्ली, 29 जुलाई । संसद में पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर हुई चर्चा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी, सरकार के जश्न और 'वंदे मातरम' विधेयक विवाद पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के वीडी सावरकर और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर दिए गए बयानों पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी अपनी राय रखी।

संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर करीब नौ घंटे चली चर्चा को लेकर सौगत रॉय ने आईएएनएस से कहा, "विपक्ष ने अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी। मेरी राय में विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। पहला, परीक्षाएं कराने में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की नाकामी का मुद्दा उठाया गया। दूसरा, प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कथित ज्यादतियों का सवाल भी उठाया गया। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल बदलने के बजाय अपने दिल का नजरिया बदलना चाहिए। कुल मिलाकर, यह अच्छी बहस रही। सरकार ने भी अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन मेरा मानना है कि सत्ता पक्ष अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख सका।"

सीबीआई द्वारा नीट पेपर मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, "यह साफ है कि पेपर लीक पुणे से शुरू हुआ। वहां एक कनेक्शन था और वहीं से यह राजस्थान के सीकर पहुंचा और फिर पूरे देश में फैल गया। अब, असल में कौन जिम्मेदार है, यह आखिरकार सामने आ ही जाएगा।"

राहुल गांधी द्वारा प्रह्लाद जोशी को लेकर दिए गए बयान पर सांसद ने कहा, "राहुल गांधी ने बिल्किस बानो मामले में रिहा किए गए लोगों का मुद्दा उठाया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मौजूदा शिक्षा मंत्री ने बिल्किस बानो मामले में दोषी ठहराए गए लोगों के समर्थन में बात की। इस पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।"

वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के सुभाष चंद्र बोस और सावरकर संबंधी बयानों पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "प्रियांक खड़गे ने सही कहा है। भाजपा इतिहास और शिक्षा व्यवस्था बदलना चाहती है।" उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की भी आलोचना की।

कीर्ति आजाद ने आगे दावा किया कि राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अतीत में कुछ घटनाएं हुई थीं और इस संबंध में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वह प्रियांक खड़गे के बयान का समर्थन करते हैं।

टीएमसी के बागी सांसदों के मुद्दे पर कीर्ति आजाद ने कहा, "ये बागी नहीं, गद्दार हैं। स्पीकर ने अभी तक उन्हें अलग मान्यता नहीं दी है। जो लोग टीएमसी के साथ गद्दारी कर रहे हैं, उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।"

Source: IANS

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