प्रयागराज: कार्तिक मास में दामोदर पूजा का विशेष महत्व, यमुना में

प्रयागराज, 29 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में कार्तिक मास के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है। यमुना नदी के बलुआघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महीने भर चलने वाले कार्तिक स्नान के लिए भक्त सुबह-सुबह यमुना में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं और अपने परिवार की खुशहाली और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

कार्तिक मास को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने में स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। बलुआघाट पर आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वे यहां यमुना जी में स्नान करने के बाद मिट्टी से भगवान की प्रतिमा बनाकर पूजा-अर्चना करते हैं और फिर उसका विसर्जन करते हैं।

घाट पर पूजा कर रही एक महिला ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, "हम यहां यमुना जी में स्नान करने आते हैं। मिट्टी से भगवान को बनाते हैं, उनकी पूजा अर्चना करते हैं और फिर उनका विसर्जन करते हैं। ये कृष्ण भगवान, राधा जी और दामोदर भगवान की पूजा होती है। हमारा एक महीने का अनुष्ठान रहता है।"

इस पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए एक अन्य महिला ने कहा कि कार्तिक का महीना अपने आप में बहुत खास है। इसमें स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीप दान का बहुत बड़ा महत्व है। तुलसी की पूजा और सेवा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

घाट पर मौजूद एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कहा कि कार्तिक महीने में एकादशी और अनंत चतुर्दशी जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। इस पूरे महीने लोग यमुना जी में स्नान कर भगवान दामोदर की पूजा आराधना करते हैं और अपने परिवार के मंगल और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

बलुआघाट पर सुबह से ही महिलाओं की टोली यमुना में आस्था की डुबकी लगाती दिखी। स्नान के बाद घाट पर बैठकर फूल, माला, लोटा और दीये से भगवान दामोदर की विधिवत पूजा की जा रही है। पूजा के बाद महिलाएं समूह में भजन-कीर्तन भी कर रही हैं।

Source: IANS

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