पाकिस्तान ने भारत में होने वाली सैफ विमेंस चैंपियनशिप से नाम वापस लिया
पाकिस्तान ने सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है। यह फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण लिया गया है।
लाहौर, 23 अप्रैल । पाकिस्तान ने सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है। यह फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण लिया गया है। पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (पीएफएफ) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
सैफ विमेंस चैंपियनशिप का आयोजन 25 मई से 6 जून तक गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना है। पाकिस्तान के हटने के बाद अब यह प्रतियोगिता छह टीमों के साथ ही खेली जाएगी। टूर्नामेंट के लिए ड्रॉ पहले ही हो चुका है, जिसमें बाकी टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। इन टीमों में भारत (मेजबान), नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश (डिफेंडिंग चैंपियन), भूटान और मालदीव शामिल हैं।
यह दूसरी बार है जब भारत इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले साल 2016 में सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में सैफ टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था, जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना चौथा खिताब जीता था। वहीं, गोवा में दूसरी बार यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। इससे पहले साल 1999 में यहां पुरुषों की चैंपियनशिप आयोजित हुई थी।
पाकिस्तान के इस फैसले से उसकी महिला फुटबॉल टीम को बड़ा नुकसान हो सकता है। लंबे समय से प्रशासनिक समस्याओं और कम अंतरराष्ट्रीय मैचों के कारण टीम को ऐसे टूर्नामेंट की जरूरत थी, जहां वह अपने खिलाड़ियों को मौका दे सके। हालांकि, पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन के फैसले के बाद टीम की खिलाड़ी अब इस बड़े मंच पर अपनी काबिलियत नहीं दिखा पाएंगी।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से नाम वापस लिया हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने नवंबर में भारत के तमिलनाडु में हुए पुरुषों के जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से भी अपना नाम वापस ले लिया था, और राजगीर में हुए एशिया कप में भी अपनी सीनियर पुरुष टीम नहीं भेजी थी।
अगर रिकॉर्ड की बात करें तो भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है। भारत ने 2010, 2012, 2014, 2016 और 2019 में खिताब को अपने नाम किया है। वहीं, बांग्लादेश ने पिछले दो संस्करण (2022 और 2024) में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी को अपने नाम किया है।
Source: IANS