फीफा वर्ल्ड कप: विंगर निको विलियम्स की चोट के बाद स्पेन के लिए अच्छी खबर, दोबारा खेलने की उम्मीद
स्पेन के लिए उस वक्त बड़ा झटका लगा था, जब शुक्रवार रात उरुग्वे के खिलाफ खेलते हुए विंगर निको विलियम्स के ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में चोट लग गई थी। लेकिन स्पेन के लिए अच्छी खबर यह है कि उनकी ग्रोइन की मांसपेशी फटी नहीं थी, इससे उनके वर्ल्ड कप में दोबारा खेलने की उम्मीद है।

न्यूयॉर्क, 30 जून । स्पेन के लिए उस वक्त बड़ा झटका लगा था, जब शुक्रवार रात उरुग्वे के खिलाफ खेलते हुए विंगर निको विलियम्स के ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में चोट लग गई थी। लेकिन स्पेन के लिए अच्छी खबर यह है कि उनकी ग्रोइन की मांसपेशी फटी नहीं थी, इससे उनके वर्ल्ड कप में दोबारा खेलने की उम्मीद है। इस मुकाबले में उरुग्वे के खिलाफ स्पेन को 1-0 से जीत मिली थी।
उरुग्वे के निकोलस डे ला क्रूज के पीछे से किए गए खतरनाक हमले के बाद मैच के बाद विलियम्स को बुरी तरह लंगड़ाते हुए देखा गया था। शुरू में लग रहा था कि उन्हें ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में चोट लगी है, जिससे उनका वर्ल्ड कप खत्म हो सकता है।
सोमवार को स्पेन के सरकारी टीवी नेटवर्क आरटीवीई से बात करते हुए स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने विलियम्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विंगर का मैसेज देखने के बाद, "मैं उनसे बात करने गया और उन्हें अपनी राय दी।" उन्होंने कहा कि मैंने उनसे हिम्मत बनाए रखने और मुश्किलों व तकलीफों से उबरने के बारे में बात की, क्योंकि आपको ऐसे पलों का सामना करने की आदत होनी चाहिए और मैंने उनसे कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं।
स्पेन के कोच डे ला फुएंते ने बताया, "इससे उनका नजरिया पूरी तरह बदलने में मदद मिली। अगर आप अब उनसे (विलियम्स) बात करेंगे, तो वह आपको ऐसी बातें बताएंगे जो उस समय से बिल्कुल अलग होंगी जब वह बहुत निराश थे।"
विलियम्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उनकी जिंदगी का 'सबसे बुरा दिन' था, लेकिन टेस्ट से पता चला है कि उनकी मांसपेशी फटी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक बहुत मुश्किल साल के बाद मैं फिर से चोटिल हो गया हूं; उस साल मैंने प्यूबैल्जिया से कई लड़ाइयां लड़ीं, लेकिन त्याग और सबसे बढ़कर जिम्मेदारी की भावना से उस जंग को जीता।
ईएसपीएन के मुताबिक निको विलियम्स ने बताया, "मैं उस चोट से उबर गया था, लेकिन फिर हैमस्ट्रिंग की एक और चोट ने मेरी परीक्षा ली। एक बार फिर, मेरे चेहरे से मुस्कान गायब हो गई, लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था। कल, एक साथी प्रोफेशनल खिलाड़ी की चुनौती (टैकल) के कारण मुझे एक और चोट लग गई; वह खिलाड़ी अपनी स्थिति को लेकर हताशा, असंतोष और उदासी से भरा हुआ था। मेरी राय में, उस घटना से बचा जा सकता था क्योंकि वह पूरी तरह से अनावश्यक थी।"
बता दें कि निको विलियम्स 2 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ 'लास्ट-32' मैच में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन अगर स्पेन अगले दौर में पहुंचता है, तो उनके पास 'लास्ट-16' या क्वार्टर-फाइनल में खेलने का मौका होगा।
Source: IANS

