जसपाल राणा की बन रही थी बायोपिक, रॉय कपूर फिल्म्स ने दी जानकारी
भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा के निधन से खेल जगत के साथ ही पूरा देश शोक में है। 49 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद रॉय कपूर फिल्म्स ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि उनकी जिंदगी पर आधारित एक बायोपिक पर काम चल रहा था।

मुंबई, 12 जून । भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा के निधन से खेल जगत के साथ ही पूरा देश शोक में है। 49 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद रॉय कपूर फिल्म्स ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि उनकी जिंदगी पर आधारित एक बायोपिक पर काम चल रहा था।
प्रोडक्शन हाउस ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट में जसपाल राणा को एक सच्चा चैंपियन, शानदार कोच और भारतीय खेलों की सफलता के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया। कंपनी ने बताया कि शूटिंग रेंज में उनकी उपलब्धियों ने देश को गौरवान्वित किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उन खिलाड़ियों के रूप में रहेगी, जिन्हें उन्होंने प्रशिक्षित किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
रॉय कपूर फिल्म्स ने बताया कि जसपाल राणा ने अपना पूरा जीवन खेल के प्रति समर्पित किया। उन्होंने न केवल खुद कई उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी अनुशासन, मेहनत और उत्कृष्टता का महत्व सिखाया। उनकी कोचिंग और मार्गदर्शन ने भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रोडक्शन हाउस ने यह भी बताया कि जब उनकी जीवन यात्रा को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी की जा रही थी, तब टीम को उनके व्यक्तित्व को करीब से जानने का अवसर मिला। इस दौरान सभी उनके खेल के प्रति जुनून, अपने विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उनकी सोच से बेहद प्रभावित हुए।
पोस्ट में बताया गया कि जसपाल राणा केवल एक महान खिलाड़ी और कोच ही नहीं थे, बल्कि बेहद खुशमिजाज इंसान भी थे। उनका सधा हुआ हंसमुख, बेबाक अंदाज और हर माहौल को हल्का बना देने की क्षमता उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उनकी कहानियां और अनुभव सुनकर आसपास मौजूद लोग हमेशा प्रेरित होने के साथ-साथ मुस्कुराने लगते थे।
रॉय कपूर फिल्म्स ने उनके परिवार, दोस्तों, छात्रों और पूरे खेल समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। खेल जगत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और भारतीय शूटिंग के इतिहास में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा।
Source: IANS

