ईरान में अमेरिका अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा, नजर आ रही है मंजिल: मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका ईरान में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उसके सैन्य अभियान "असाधारण दक्षता" के साथ चलाए जा रहे हैं

वाशिंगटन, 1 अप्रैल। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका ईरान में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उसके सैन्य अभियान "असाधारण दक्षता" के साथ चलाए जा रहे हैं।
रुबियो ने कहा, “हम अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने में निर्धारित समय से आगे हैं। हमें मंजिल नजर आ रही है। हमारी सेना असाधारण दक्षता के साथ अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर रही है, जो मुझे लगता है कि आधुनिक समय के सबसे सफल सामरिक सैन्य अभियानों में से एक के रूप में इतिहास में दर्ज होगा।”
रूबियो ने इस आलोचना को भी खारिज कर दिया कि कूटनीति के माध्यम से मौजूदा स्थिति को टाला जा सकता था और कहा कि ईरान बार-बार गंभीरता से बातचीत करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा, “उन्होंने बातचीत से इनकार कर दिया, जो लोग यह कह रहे हैं कि इसे कैसे टाला जा सकता था, उन्हें कई वार्ताओं में हर अवसर दिया गया और उन्होंने या तो अस्वीकार कर दिया या टालमटोल किया। डोनाल्ड ट्रम्प के शासन में ऐसा नहीं होने वाला है।”
रूबियो ने अमेरिकी कार्रवाई को तेहरान से बढ़ते रणनीतिक खतरे का मुकाबला करने के लिए आवश्यक बताया।
रुबियो ने कहा, "ईरान अगला उत्तर कोरिया बनने का लक्ष्य रख रहा था, बस फर्क इतना था कि वहां कट्टरपंथी शिया धर्मगुरु शासन कर रहे थे और उनके पास ऐसी अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलें थीं जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने ये कदम न उठाए होते, तो यही हासिल होता।"
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन बातचीत के लिए खुला है, लेकिन वह बातचीत को टालमटोल की रणनीति के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा। राष्ट्रपति दिखावटी बातचीत को टालमटोल की रणनीति के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देंगे।"
रुबियो ने कहा, “हम हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहेंगे लेकिन हम बातचीत की विफलता को देश की रक्षा करने और इसे किसी वास्तविक खतरे से बचाने की हमारी क्षमता में बाधा नहीं बनने देंगे।”
रुबियो की टिप्पणियां अमेरिका के दोहरे दृष्टिकोण को रेखांकित करती हैं। बातचीत के लिए खुलापन दिखाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक सैन्य अभियानों को जारी रखना। उनकी टिप्पणियां अभियान की गति और प्रभावशीलता दोनों में विश्वास दिखाने के प्रयास को भी दर्शाती हैं।
Source: IANS
