यूएन चीफ ने भारत की शालिनी बहुगुणा को पापुआ न्यू गिनी में रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया

संयुक्त राष्ट्र, 2 अप्रैल। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर काम कर चुकीं शालिनी बहुगुणा को पापुआ न्यू गिनी में निवासी समन्वयक (रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर) नियुक्त किया है। 

यूएन महासचिव गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को कहा कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ काम करने का दशकों का अनुभव है। एक रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर के रूप में वह पापुआ न्यू गिनी में संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अधिकारी होंगी और वहां चल रहे 192 कार्यक्रमों के समन्वय का नेतृत्व करेंगी।

रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर किसी देश में यूएन के सबसे ऊंचे रैंक के अधिकारी होते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र प्रोग्राम पर काम करने वाले संगठनों की टीमों का नेतृत्व करते हैं।

यूएन के मुताबिक, हाल ही में शालिनी बहुगुणा ने यूनिसेफ के साथ काम किया और एक्सेंचर के साथ पार्टनरशिप में एक एआई रणनीति विकसित की। इससे पहले, वह तंजानिया में यूनिसेफ की रिप्रजेंटेटिव थीं, जहां उन्होंने बच्चों के अधिकारों और देश के विकास की प्राथमिकता को आगे बढ़ाया।

वह इथियोपिया और म्यांमार में यूनिसेफ की डिप्टी रिप्रजेंटेटिव और नाइजीरिया में सामाजिक नीतियों और लिंग की प्रमुख रह चुकी हैं।

शालिनी बहुगुणा ने भारत के विकास, पानी और सफाई के मुद्दों पर एक एनजीओ के लिए काम करने के साथ अपना करियर शुरू किया था और बाद में भारत सरकार और विश्व बैंक के वॉटर सेक्टर रिफॉर्म प्रोग्राम के साथ काम किया।

ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) के साथ काम करने के दौरान उन्हें चीन, इंडोनेशिया और अफगानिस्तान भी जाना पड़ा। इसके अलावा उन्होंने तंजानिया में यूनिसेफ की प्रतिनिधि के रूप में बच्चों के अधिकारों और देश की विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया।

शालिनी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उनके पास ब्रिटेन की स्वानसी यूनिवर्सिटी से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल डेवलपमेंट में मास्टर डिग्री है।

उनके पास अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विशेष रूप से विकास, मानवीय और शांति स्थापना के क्षेत्रों में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एशिया और अफ्रीका के विभिन्न देशों में जटिल और सांस्कृतिक रूप से विविध टीमों का नेतृत्व किया है।

यूएन पापुआ न्यू गिनी में 85.5 मिलियन डॉलर के खर्च के साथ 192 प्रोग्राम में शामिल है। यह एक छोटा पैसिफिक देश है जिसकी सीमा इंडोनेशिया से लगती है और इसकी आबादी लगभग 1 करोड़ 30 लाख है।

Source: IANS

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