भारत वैश्विक विकास में निभा रहा अहम भूमिका, ईयू-इंडिया एफटीए से व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: फिनलैंड के महावाणिज्यदूत

मुंबई, 2 जून । फिनलैंड के कॉन्सल जनरल यानी महावाणिज्यदूत एरिक अफ हॉलस्ट्रॉम ने मंगलवार को भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ते सहयोग को लेकर कहा कि भारत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय विकास में इसकी भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी ऐसा क्षेत्र है जो भारत, फिनलैंड और पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध सतत विकास से है।

देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर मुंबई में न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि दुनिया को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल की जरूरत है। भारत और फिनलैंड इस दिशा में स्वाभाविक साझेदार हैं, क्योंकि दोनों देशों के सामने कई समान चुनौतियां हैं और दोनों ही टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बात करते हुए हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि समझौते पर बातचीत पूरी हो चुकी है, लेकिन इसे अभी लागू किया जाना बाकी है, और इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता लागू होने के बाद भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे फिनलैंड और भारत के बीच व्यापार दोगुना तक हो सकता है और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

महाराष्ट्र के महत्व पर बोलते हुए हॉलस्ट्रॉम ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से महाराष्ट्र भारत का सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है और इसी वजह से महाराष्ट्र हमेशा निवेश और विकास का प्रमुख केंद्र रहा है।

उन्होंने बताया कि फिनलैंड और महाराष्ट्र के बीच कई सहयोगी परियोजनाएं चल रही हैं। विशेष रूप से मुंबई के ससून डॉक के विकास से जुड़े समझौते में फिनिश कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

हॉलस्ट्रॉम ने आगे आईएएनएस को बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और फिनलैंड के विदेश व्यापार मंत्री विले टावियो की दावोस में दो बार मुलाकात हो चुकी है। इन बैठकों में दोनों पक्षों ने टिकाऊ विकास, हरित अर्थव्यवस्था और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए आगे मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

फिनलैंड के महावाणिज्यदूत ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच संबंधों की मजबूत नींव आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मार्च में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति स्टब ने दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया था।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में विज्ञान, तकनीक, व्यापार, नवाचार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करेगा।

Source: IANS

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