ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ व्यापार समझौते को बताया 'अपनी उपलब्धि'

वाशिंगटन, 3 नवंबर । व्हाइट हाउस ने भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया है, जिनके साथ अमेरिका ने नए और बेहतर व्यापार समझौते किए हैं। हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच फरवरी में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर अब तक औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।

व्हाइट हाउस ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर 'प्रेसिडेंट ट्रंप्स सेकेंड टर्म: प्रॉमिसेज मेड, प्रॉमिसेज केप्ट, रिजल्ट्स डिलीवर्ड' शीर्षक से एक दस्तावेज जारी किया। मंगलवार को होने वाले मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले जारी इस दस्तावेज में ट्रंप प्रशासन की 127 उपलब्धियों और पूरे किए गए वादों का उल्लेख किया गया है।

दस्तावेज में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को दबाव बनाने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते हुए दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ नए और बेहतर व्यापार समझौते किए हैं। इनमें ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और कंबोडिया शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने दावा किया, "इन समझौतों में वैश्विक जीडीपी के आधे से अधिक हिस्से को कवर करने वाले व्यापारिक साझेदार शामिल हैं।"

दिलचस्प बात यह है कि दस्तावेज में भारत के नाम के साथ दिया गया लिंक फरवरी में जारी उस फैक्टशीट पर जाता है जिसका शीर्षक था 'द यूनाइटेड स्टेट्स एंड इंडिया अनाउंस हिस्टोरिक ट्रेड डील।'

6 फरवरी को भारत और अमेरिका की ओर से जारी संयुक्त बयान में इसे अंतिम व्यापार समझौता नहीं, बल्कि पारस्परिक और लाभकारी व्यापार से जुड़े अंतरिम समझौते का ढांचा बताया गया था।

दोनों देशों ने कहा, "हम इस ढांचे को जल्द लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। इसके बाद व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।"

प्रस्तावित ढांचे के तहत भारत को अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और कृषि उत्पादों की एक श्रेणी पर आयात शुल्क समाप्त करने या कम करने की बात थी। वहीं, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था।

अमेरिका ने जेनेरिक दवाओं, रत्न एवं हीरों और विमान के कलपुर्जों जैसे कुछ उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क हटाने की भी बात कही थी। हालांकि, यह छूट अंतरिम समझौते के सफलतापूर्वक संपन्न होने की शर्त से जुड़ी थी।

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर को कहा था कि समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है और फिलहाल उसके कानूनी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसी दिन वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी कहा था कि कानूनी जांच पूरी होने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसे लागू किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई थी।

अब तक न तो अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और न ही भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने समझौते पर हस्ताक्षर की कोई तारीख घोषित की है।

व्हाइट हाउस की ओर से 127 उपलब्धियों की यह सूची ऐसे समय जारी की गई है, जब रिपब्लिकन पार्टी मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है। दस्तावेज में आव्रजन, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और विदेश नीति समेत कई क्षेत्रों में ट्रंप प्रशासन के कामकाज को उपलब्धियों के रूप में पेश किया गया है।

Source: IANS

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