ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को सेना ने किया नाकाम: अमेरिकी सेंट्रल कमांड
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र के कुछ पड़ोसी देशों की ओर किए गए थे।

वाशिंगटन, 6 जून । अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र के कुछ पड़ोसी देशों की ओर किए गए थे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उनके अनुसार, 5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में चार एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे थे। अमेरिकी बलों ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया। ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।
ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनमें से छह मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही।
अमेरिका ने बताया कि वर्तमान में किसी भी अमेरिकी सैनिक या कर्मचारी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। साथ ही, ईरान की ओर से किए गए उस दावे को भी खारिज कर दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है।
अमेरिकी सेना ने आगे बताया कि संभावित समुद्री खतरों को रोकने और भविष्य में ऐसे हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबी कार्रवाई भी की गई। इसके तहत ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों को निशाना बनाया गया। ये ठिकाने गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
सेंटकाम ने अपने बयान में कहा कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क हैं और क्षेत्र में किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार हैं। कमांड ने दोहराया कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों, सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
Source: IANS
