विश्व शांति के लिए आज का दिन बहुत बड़ा, ईरान अब पुनर्निर्माण का काम शुरू कर सकता है: राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन, 8 अप्रैल। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दुनिया में शांति के लिए बड़ा दिन बताया है। 

उन्होंने कहा कि ईरान अब इस स्थिति से थक चुका है और वह भी शांति चाहता है, ऐसे में अब तेहरान पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के ट्रैफिक को संभालने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिक वहां मौजूद रहेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब कुछ सही तरीके से चलता रहे।

'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "यह दुनिया की शांति के लिए बड़ा दिन है। क्योंकि वे अब काफी कुछ झेल चुके हैं। अमेरिका इस दौरान हर तरह की मदद करेगा। हम हर तरह की जरूरी सप्लाई पहुंचाएंगे और वहां मौजूद रहेंगे ताकि हालात सामान्य बने रहें। मुझे पूरा भरोसा है कि सब ठीक होगा। जैसे अमेरिका में हम 'गोल्डन एज' देख रहे हैं, वैसे ही यह मध्य पूर्व के लिए भी एक नया दौर साबित हो सकता है।"

इससे पहले, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य हमले से पीछे हटते हुए दो हफ्ते का अस्थायी विराम घोषित किया था। यह फैसला उस शर्त पर लिया गया कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह, सुरक्षित और तुरंत खोलेगा। इस घोषणा से पूरी दुनिया को बड़ी राहत मिली है।

बताया जा रहा है कि यह निर्णय ट्रंप द्वारा तय किए गए रात 8 बजे (ईएसटी) के डेडलाइन से महज 90 मिनट पहले लिया गया। इसके पीछे पर्दे के पीछे की कूटनीति की अहम भूमिका रही। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के बाद दोनों तरफ से सीजफायर की स्थिति बनी है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की ओर से 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जो बातचीत के लिए एक मजबूत आधार है।

ट्रंप ने कहा कि अधिकांश विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और यह दो हफ्तों का समय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बेहद अहम होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सीजफायर पूरी तरह शर्तों पर आधारित है और ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर निर्भर करेगा।

वहीं, सईद अब्बास अरागची ने भी संकेत दिए हैं कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेनाएं भी अपनी कार्रवाई रोक देंगी। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय जरूरी होगा।

गौरतलब है कि इससे पहले हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। ऐसे में यह सीजफायर वैश्विक स्तर पर राहत की खबर बनकर सामने आया है।

Source: IANS

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