मास्को में ईरान के राजदूत बोले,' होर्मुज खुला रहेगा, लेकिन ट्रांजिट शुल्क लगेगा'

तेहरान/मास्को, 8 जून । मध्य पूर्व एशिया में संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। तनाव चरम पर है। इस बीच रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन यह नई शर्तों के तहत संचालित होगा, जिनमें ट्रांजिट शुल्क (आवागमन शुल्क) भी शामिल हो सकता है।

रूसी समाचार पत्र इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में (सोमवार को प्रकाशित) जालाली ने कहा, "यह जलडमरूमध्य निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा।" हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस जलमार्ग को किसी दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए नई व्यवस्था जरूरी है। उनके मुताबिक, यह जलडमरूमध्य केवल ईरान और ओमान के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा मामला है और इसका प्रबंधन इन्हीं दोनों देशों के बीच तय किया जा रहा है।

राजदूत ने कहा कि पिछले दशकों में यह मार्ग सभी जहाजों के लिए खुला रहा है, लेकिन हाल के तनाव के बाद क्षेत्रीय स्थिति बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस मार्ग को बंद नहीं रखना चाहता, लेकिन “नई परिस्थितियों” को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

जालाली के अनुसार ईरान रूस को मध्यस्थ के तौर पर शामिल करने का इच्छुक है लेकिन अमेरिका ऐसा नहीं चाहता। उन्होंने कहा, "ईरान रूस को मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान से जुड़े वार्ताओं में शामिल करना चाहता है, जबकि अमेरिका इस प्रक्रिया में अन्य पश्चिमी देशों को शामिल करने के पक्ष में नहीं है।"

उन्होंने ईरान के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि देश का नेतृत्व स्थिर है और निर्णय प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है।

Source: IANS

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