मिस्र और कतर ने अमेरिका और ईरान से 'जिम्मेदारी और समझदारी' दिखाने की अपील की

काहिरा, 10 मई । मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती और कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान जसीम अल-थानी ने अमेरिका और ईरान से इस संवेदनशील समय में 'जिम्मेदारी' और 'समझदारी' से काम लेने की अपील की है।

शनिवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति और बातचीत का रास्ता अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता प्रक्रिया को समर्थन देने पर भी जोर दिया। यह जानकारी मिस्र के विदेश मंत्रालय ने दी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की। उनका कहना था कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि क्षेत्र के लोगों के संसाधनों और हितों की रक्षा हो सके।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ। बाद में पाकिस्तान में लंबी शांति वार्ता भी हुई, लेकिन उससे कोई ठोस समझौता नहीं निकल सका।

कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास फिर तनाव बढ़ गया। अमेरिका ने ईरानी जहाजों और तटीय इलाकों पर हमले किए, जबकि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स नेवी ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सेना ने बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल, जहाज रोधी क्रूज मिसाइल और विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने दावा किया कि इन हमलों का निशाना अमेरिकी युद्धपोत थे।

ईरान ने यह भी कहा कि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद तीन अमेरिकी युद्धपोतों को होर्मुज क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के “बिना उकसावे वाले हमलों” को रोक दिया और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अपनी सेना की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तीनों अमेरिकी युद्धपोतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

Source: IANS

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