ईरान के साथ बातचीत के बीच ट्रंप ने किया अमेरिका की जीत का दावा

वाशिंगटन, 12 अप्रैल। अमेरिका इस समय पाकिस्तान और ईरान के साथ इस्लामाबाद में आमने-सामने उच्च स्तर की त्रिपक्षीय बातचीत कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत का नतीजा कुछ भी हो, अमेरिका पहले ही रणनीतिक रूप से जीत हासिल कर चुका है। 

एक वरिष्ठ व्हाइट हाउस अधिकारी के अनुसार, इस्लामाबाद में चल रही यह बैठक "15 घंटे से ज़्यादा समय से जारी है और अभी भी चल रही है!" यह जानकारी कुछ घंटे पहले दी गई थी।

अधिकारी ने बताया कि इस बातचीत में अमेरिका का एक मुख्य प्रतिनिधिमंडल शामिल है, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ कर रहे हैं। इनके साथ जेरेड कुशनर और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा क्षेत्रीय मामलों के विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम भी मौजूद है। इस टीम में डॉ. एंड्रयू बेकर और माइकल वेंस जैसे वरिष्ठ सलाहकार भी शामिल हैं, जबकि वॉशिंगटन से अन्य विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बातचीत और मौजूदा हालात पर साफ शब्दों में अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “जो भी हो, जीत हमारी ही होगी। हमने उस देश को पूरी तरह हरा दिया है। अब देखते हैं क्या होता है- समझौता होता है या नहीं। अमेरिका के नजरिए से हम जीत चुके हैं।”

ट्रंप ने इस बातचीत को आर्थिक और ऊर्जा से जुड़े मामलों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े तेल टैंकर अमेरिका की ओर आ रहे हैं और उनमें तेल, गैस आदि भरा जा रहा है, जो एक अच्छा संकेत है।

उन्होंने यह भी कहा कि ये बातचीत एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सैन्य और कूटनीतिक दोनों पहलू शामिल हैं। उन्होंने कहा, "हम ईरान के साथ बहुत ही गहन बातचीत के दौर में हैं। नतीजे चाहे जो भी हों, जीत हमारी ही होगी। हमने उन्हें सैन्य रूप से पहले ही हरा दिया है।"

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां के कई शीर्ष नेता अब नहीं रहे।

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए अमेरिकी सेना काम कर रही है और खतरों को हटाने के लिए समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगों) को साफ किया जा रहा है।

हालांकि, इतनी सख्त बातों के बावजूद ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौता होगा या नहीं, यह जरूरी नहीं है। उनके शब्दों में, “समझौता हो या न हो, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

Source: IANS

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