ईरान बातचीत के लिए नहीं मानता तो उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा: ट्रंप

वाशिंगटन, 15 जुलाई । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह अगले सप्ताह तक बातचीत की मेज पर नहीं लौटता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएगा। ट्रंप ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी हमले और तेज किए जाएंगे।

फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "हम आज रात बहुत जोरदार हमला करेंगे। फिर कल रात हमला करेंगे। उसके अगले दिन भी हमला करेंगे। और अगले हफ्ते ईरान के लिए हालात और भी खराब हो जाएंगे।"

उन्होंने बताया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के ऊर्जा ढांचे (एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर) पर आखिरी चरण में हमला करेगा। ट्रंप ने कहा, "ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को हम आखिर में निशाना बनाएंगे, लेकिन अंत में उन पर भी हमला होगा। अगले हफ्ते पावर प्लांट की बारी आएगी और फिर पुलों को निशाना बनाया जाएगा।"

ट्रंप ने दोहराया कि यदि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसके सभी बिजली संयंत्र और पुल नष्ट कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, "अगर वे बातचीत की मेज पर नहीं आए, तो हम उनके सभी पावर प्लांट और सभी पुल तबाह कर देंगे।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ईरान समझौता करने के लिए गंभीर है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उनके पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक उन्हें यह नहीं लगेगा कि अभियान का उद्देश्य पूरा हो गया है। उनके मुताबिक, "हमले तब तक चलते रहेंगे, जब तक मैं नहीं कह देता कि अब काफी है। उनमें अभी भी थोड़ी लड़ने की ताकत बची है, लेकिन ज्यादा नहीं।"

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना के बारे में भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। साथ ही उन्होंने यह भी साफ तौर पर नहीं कहा कि अमेरिका जमीनी सैन्य अभियान (ग्राउंड ऑपरेशन) नहीं चलाएगा।

उन्होंने कहा, "अगर मुझे ऐसा करना सही लगता, तो मैं साफ तौर पर 'नहीं' कह देता। कभी-कभी जमीनी अभियान की जरूरत पड़ती है, लेकिन हमारे लिए यह काम दूसरे लोग भी कर सकते हैं।"

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका पहले ही खार्ग द्वीप पर हमला कर चुका है, लेकिन वहां मौजूद तेल सुविधाओं को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया गया, क्योंकि इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता था।

उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ी तो भविष्य में तेल से जुड़े ढांचे पर भी हमला किया जा सकता है, लेकिन मुझे इसकी संभावना कम लगती है।"

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, लेकिन ईरानी जहाजों के लिए बंद कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, "अगर लोग वहाँ से गुज़रना चाहें तो यह खुला है।" “हम इसे ईरान के लिए नहीं खोल रहे हैं। यह सिर्फ़ ईरान के लिए ही बंद है। ईरान के लिए आना-जाना दोनों बंद है, लेकिन अभी यह खुला है।”

फॉक्स न्यूज ने जहाजों की आवाजाही के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सोमवार को इस जलमार्ग से केवल 10 जहाज गुजरे। यह सामान्य दिनों की तुलना में 10 प्रतिशत से भी कम है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि इंटरव्यू से करीब एक घंटे पहले उनके प्रतिनिधियों की ईरानी अधिकारियों से बातचीत हुई थी। जब उनसे पूछा गया कि ईरान को क्या संदेश दिया गया, तो उन्होंने कहा, "उन्हें साफ कहा गया कि समझौता कर लो, वरना तुम्हारे पास कुछ भी नहीं बचेगा और न ही कोई बचेगा।"

Source: IANS

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