ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने ट्रंप से की बात, हॉर्मुज स्ट्रेट को खोलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बताया जरूरी

लंदन, 16 मार्च। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर पर चर्चा की।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार रविवार शाम हुई इस बातचीत में स्टार्मर ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग को जल्द से जल्द खोला जाना बहुत जरूरी है, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके और दुनिया भर में बढ़ती लागत को कम किया जा सके। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के एक बयान में यह जानकारी दी गई।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वे मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रम पर लगातार संपर्क में रहेंगे।

इससे पहले रविवार को ब्रिटेन के ऊर्जा सचिव एड मिलिबैंड ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का सबसे अच्छा और स्थायी तरीका यह है कि मौजूदा संघर्ष को समाप्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

मिलिबैंड ने ब्रिटिश मीडिया से कहा कि तेल और गैस की कीमतों में जो तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, उसका मुख्य कारण होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग को फिर से खुलवाने की कोशिश करना चाहता है।

शनिवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि कई देश होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजेंगे, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

28 फरवरी को इजरायल और संयुक्त राष्ट्र ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमला किया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और 1300 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई थी।

इसके जवाब में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से कई हमले किए, जिनका निशाना मध्य पूर्व में मौजूद इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकाने और अन्य ठिकाने थे। अब ये हमले तीसरे सप्ताह में पहुंच चुके हैं। वहीं होर्मुज स्ट्रेट के प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ता जा रहा है।

इस बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा।

Source: IANS

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