जी-7 शिखर सम्मेलन : उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग की स्वतंत्रता पर दिया जोर
फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मध्य पूर्व की स्थिति, होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की आवश्यकता पर जोर दिया।

एवियन, 16 जून । फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मध्य पूर्व की स्थिति, होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, ''फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में मध्य पूर्व पर क्षेत्रीय साझेदारों के साथ हुई बैठक में सबसे पहले, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता पूरी तरह बहाल हो और उस पर किसी तरह की पाबंदी न हो।''
साथ ही उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हुई हाल की घटनाओं ने कुछ कमजोरियों को उजागर किया है, जिन पर हमें ध्यान देने की जरूरत है। हमें मिलकर वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों और नए कॉरिडोर पर काम करना चाहिए, जैसे कि आईएमईसी। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए हम इन कमजोरियों को अवसरों में बदल सकते हैं। एक स्थिर और शांतिपूर्ण मध्य पूर्व के लिए लेबनान का स्थिर और शांतिपूर्ण होना भी जरूरी है।
जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस पर युद्ध समाप्त करके समझौता करने का दबाव बनाया। ट्रंप ने कहा कि वहां जो हो रहा है, वह पागलपन है। हमारी एक मीटिंग हुई थी और मैंने रविवार को राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी। वे बस लड़ते जा रहे हैं और सैनिक खोते जा रहे हैं। मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं। मुझे लगा था कि इसे सुलझाना सबसे आसान होगा। दोनों नेताओं के बीच काफी मनमुटाव है। ट्रंप ने कहा, "रूस को समझौता कर लेना चाहिए।''
वहीं, प्रेसिडेंट उर्सुला ने एक अन्य 'एक्स' पोस्ट में कहा, ''आज यूरोपीय संसद में ईयू-यूएस व्यापार समझौते के पक्ष में हुए सकारात्मक मतदान का मैं स्वागत करती हूं। समझौते के तहत यूरोपीय संघ अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर रहा है।''
उन्होंने आगे कहा, ''इस महत्वपूर्ण कदम के साथ, हम अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं के आयात पर शुल्क हटाने के अपने वादे को पूरा करने से बस कुछ दिन दूर हैं। जब दोनों पक्ष इस समझौते को पूरी तरह लागू कर देंगे, तो इससे नागरिकों और कारोबारों को और भी ज्यादा लाभ मिलेगा। साथ ही यह अटलांटिक के दोनों ओर व्यापार और निवेश को मजबूत और स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।''
Source: IANS

