बांग्लादेश: बीएनपी की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया से मचा बवाल, बेटे को बचाने आई महिला ने गंवाई जान
बांग्लादेश में बेटे को बचाने आई एक मां को अपनी जान गंवानी पड़ी। बेटे पर कथित बीएनपी समर्थकों ने हमला किया था।

ढाका, 18 मई । बांग्लादेश में बेटे को बचाने आई एक मां को अपनी जान गंवानी पड़ी। बेटे पर कथित बीएनपी समर्थकों ने हमला किया था। इसकी वजह एक सोशल मीडिया पोस्ट था।
यह घटना शनिवार शाम कॉक्स बाजार जिले के उखिया उपजिला की बताई जा रही है, जहां 55 वर्षीय सयादा बेगम की कथित रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके छात्र संगठन छात्र दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में घायल होने के बाद मौत हो गई।
बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक ‘द डेली स्टार’ ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि कुछ दिन पहले ताइपालोंग मदरसा की दीवार पर “जय बंगला, जयतु शेख हसीना” के नारे लिखे गए थे।
इस घटना के बाद स्थानीय बीएनपी नेताओं ने उखिया पुलिस में अवामी लीग और उसके छात्र संगठन छात्र लीग के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र दल के कार्यकर्ता जिसान सिकदर ने इस ग्रैफिटी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिस पर छात्र दल से जुड़े बताए जा रहे मोहम्मद यूनुस ने कथित तौर पर ठहाके लगाकर प्रतिक्रिया दी।
इसके बाद बीएनपी और छात्र दल के कई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यूनुस पर हमला कर दिया। इसी दौरान पिटते दोस्त को बचाने एसएम इमरान आया। झुंड ने उसे भी नहीं बख्शा और पिटाई शुरू कर दी।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, इमरान पर हमले की खबर मिलते ही मां सयादा अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ीं। इस दौरान उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया। बाद में उन्हें उखिया उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इमरान ने स्थानीय वार्ड बीएनपी अध्यक्ष अब्दुर रहीम और उनके बेटे आकाश, बीएनपी नेता मिजान सिकदर और उनके बेटे जिसान सिकदर सहित एक दर्जन से अधिक लोगों पर बिना किसी उकसावे के हमला करने का आरोप लगाया।
इमरान ने ‘द डेली स्टार’ से कहा, “मेरी मां मुझे बचाने के लिए दौड़ी थीं। उन्होंने मेरी मां का गला पकड़कर उन्हें धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “हम राजनीति से जुड़े लोग नहीं हैं। मैं अपनी मां के लिए न्याय चाहता हूं।”
इस हमले की निंदा करते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इसे किसी भी सभ्य समाज के लिए “शर्मनाक” घटना बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वाजेद ने लिखा, “यह एक ऐसा नारा है जो बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर अब ये शब्द किसी की जान के लिए खतरा बन सकते हैं, तो यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह राज्य में राजनीतिक सहिष्णुता के भयावह पतन का प्रतीक है।”
उन्होंने ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “सरकार की जिम्मेदारी केवल बयान जारी करना नहीं है। उसे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। अन्यथा हर नई मौत केवल एक और आंकड़ा बनकर रह जाएगी।”
Source: IANS
