कजान घोषणा 2026: रूस-आसियान संबंधों में नई पहल से ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा

कजान (रूस), 18 जून । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और 'एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (आसियान) के प्रतिनिधिमंडलों ने गुरुवार को रूस-आसियान शिखर सम्मेलन में कजान घोषणा पत्र को मंजूरी दी। इसके साथ ही दोनों पक्षों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया।

शिखर सम्मेलन में चार महत्वपूर्ण दस्तावेज, कजान घोषणा 2026 (आसियान-रूसी संघ: विविधता में एकता) 35 साल साथ, ऊर्जा सहयोग पर आसियान और रूस का संयुक्त बयान, सांस्कृतिक सहयोग पर आसियान और रूस का संयुक्त बयान, और 2026 से 2030 तक आसियान-रूस रणनीतिक साझेदारी को लागू करने की कार्य योजना को मंजूरी दी गई।

आसियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “इन दस्तावेजों को अपनाना यह दिखाता है कि आसियान और रूस अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और आने वाले वर्षों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक दिशा तय करते हैं।”

आसियान और रूस संबंधों के 35 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित इस विशेष शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (2026 के आसियान अध्यक्ष) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संयुक्त रूप से की। इसमें आसियान देशों के नेता या उनके प्रतिनिधि, आसियान के महासचिव काओ किम होर्न और उनके अपने प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।

शिखर सम्मेलन के बाद, काओ किम होर्न ने पुतिन की ओर से आयोजित एक कार्य भोज में भी हिस्सा लिया। इसमें यूरेशियाई क्षेत्र में एकीकरण की प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। इस बैठक में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के महासचिव और यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन (ईईसी) के बोर्ड अध्यक्ष भी शामिल हुए।

रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा कि बैठक में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मान्यता प्राप्त सिद्धांतों के आधार पर एक निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता पर खास जोर दिया गया।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टास के अनुसार, घोषणा पत्र में दोनों पक्षों ने ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, कृषि, डिजिटल क्षेत्र, विज्ञान और तकनीक, पर्यटन और नए तरह के उत्पादन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है।

एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) की स्थापना 1967 में हुई थी। इसमें 11 देश शामिल हैं: ब्रुनेई, पूर्वी तिमोर, वियतनाम, इंडोनेशिया, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड और फिलीपींस।

Source: IANS

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