अमेर‍िका ने ईरान को कड़ा जवाब द‍िया है, जरूरत पड़ी तो और सख्ती करेंगे: ट्रंप

वॉशिंगटन, 21 मई । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस कोस्ट गार्ड अकादमी के दीक्षांत समारोह में छात्रों की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियों का बचाव किया और ईरान को लेकर नई चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि तेहरान को कभी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

बुधवार को कनेक्टिकट के न्यू लंदन में 2026 की ग्रेजुएटिंग क्लास को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे चर्चित और ताकतवर देश बन चुका है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि वे ऐसे समय में सेवा में शामिल हो रहे हैं, जब अमेरिका फिर से मजबूत स्थिति में है।

ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। बात बिल्कुल साफ है। उनके पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा और वे समझौता करने के लिए बहुत बेचैन हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने उन्हें काफी कड़ा जवाब दिया है और जरूरत पड़ी तो इससे भी ज्यादा सख्ती की जा सकती है।

राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कई बार कोस्ट गार्ड के हाल के ऑपरेशनों का जि‍क्र किया और उन्हें ईरान, ड्रग तस्करी और समुद्री सुरक्षा के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि कोस्ट गार्ड की टैक्टिकल टीमों ने ईरान से जुड़े प्रतिबंधित तेल जहाजों को पकड़ने में मदद की। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में कोस्ट गार्ड की अहम भूमिका रही, ताकि ईरानी शासन कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

ट्रंप ने समुद्री कार्रवाई और ड्रग्स के खिलाफ अभियानों का भी ज‍िक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से कोस्ट गार्ड ने घातक नशीली दवाओं की 20.6 करोड़ से ज्यादा खुराक जब्त की हैं। उन्होंने इसे समुद्र में बनी 'स्टील की दीवार' का अहम हिस्सा बताया।

भाषण के दौरान ट्रंप ने राजनीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने पिछली सरकार की सीमा सुरक्षा नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका इतिहास की सबसे खराब सीमा स्थिति से निकलकर अब सबसे मजबूत बॉर्डर तक पहुंच गया है।

उन्होंने अपनी टैरिफ और मैन्युफैक्चरिंग नीतियों की भी तारीफ की और कहा क‍ि हमारे देश में 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आ रहा है। ट्रंप का कहना था कि टैरिफ की वजह से सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल कंपनियां फिर से अमेरिका में उत्पादन शुरू कर रही हैं।

Source: IANS

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