स्वतंत्र और उन्मुक्त इंडो-पैसिफिक के लिए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाएगा क्वाड समूह: तोशिमित्सु मोटेगी
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने मंगलवार को कहा कि क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक दुनिया को यह 'स्पष्ट और मजबूत संदेश' देती है कि यह समूह एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए मिलकर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देगा।।

नई दिल्ली, 26 मई । जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने मंगलवार को कहा कि क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक दुनिया को यह 'स्पष्ट और मजबूत संदेश' देती है कि यह समूह एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए मिलकर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देगा।
नई दिल्ली में मंगलवार को हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के शुरुआती भाषण में मोटेगी ने कहा कि उन्हें इस बैठक से खास लगाव है।
मोटेगी ने कहा, “मैं जयशंकर को यह बैठक आयोजित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। सितंबर 2019 में पहली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक मैं शामिल हुआ था। इसलिए मुझे इस बैठक से खास लगाव है। यह क्वाड विदेश मंत्रियों की 11वीं बैठक है और यह दुनिया को एक मजबूत संदेश देती है कि क्वाड एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए व्यावहारिक सहयोग को और मजबूत करेगा।” अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “एफओआईपी (फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक) की अवधारणा को आए सिर्फ दस साल हुए हैं और तब से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में काफी बदलाव आए हैं। इन बदलावों का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा है कि एफओआईपी को अपडेट करने का मतलब है कि इंडो-पैसिफिक के देश अपनी क्षमता और मजबूती बढ़ाएं, ताकि वे अपने भविष्य के फैसले खुद ले सकें, जिसमें आर्थिक सुरक्षा भी शामिल है। आज मैं चाहूंगा कि हम इस पर खुलकर चर्चा करें और क्वाड सहयोग को और तेज करें।”
क्वाड में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इसका मकसद समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन, जरूरी खनिज, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, आपदा राहत और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह तीसरी बार है जब 18 महीनों से कम समय में यह बैठक हो रही है और इसमें कई साझा गतिविधियों पर चर्चा और फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक रहेगा, जो क्वाड का मुख्य क्षेत्र है।
जयशंकर ने कहा कि मंत्रियों को सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी में बाधाएं, उत्पादन और संसाधनों का केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में क्वाड के अधिकारियों ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाया है, जैसे समुद्री सुरक्षा, नई तकनीक, आर्थिक मजबूती और आपदा राहत।
उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी की बाधाएं, उत्पादन और संसाधनों का केंद्रीकरण और बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा। ये सभी चीजें साझेदारी बढ़ाने और विकास के नए अवसर पैदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक की अपनी कुछ खास चुनौतियां भी हैं। इसके लिए रणनीतिक भरोसा बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना और सहयोग की भावना को मजबूत करना जरूरी है, और यह सब भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारी से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, नई तकनीकों, आर्थिक मजबूती और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में अच्छी प्रगति की है। कई पहलें आगे बढ़ी हैं और यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Source: IANS
