पश्चिम एशिया तनाव का असर: पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल, अवाम परेशान

इस्लामाबाद, 28 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। पाकिस्तान में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 11.67 किलोग्राम सिलेंडर का दाम 3,150-3,968 रुपये से बढ़कर 3,900-5,135 रुपये हो गया है।

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स (एसपीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की औसत कीमत बढ़कर 3,900 से 5,135 रुपये तक पहुंच गई है, जो पहले 3,150 से 3,968 रुपये के बीच थी। खास तौर पर पंजाब के विभिन्न शहरों में कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कीमतों में इस उछाल का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ा है। एलपीजी से चलने वाले रिक्शा, बस और मिनीबस के किराए बढ़ गए हैं, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आई है। साथ ही, ईद और नौरोज की छुट्टियों के कारण ईरान से आने वाली गैस सप्लाई, जो पहले 10,000 से 12,000 टन प्रतिदिन थी, उसमें भी कमी आई है।

पाकिस्तान की कुल एलपीजी जरूरत करीब 20 लाख टन सालाना है, जिसमें से 12 लाख टन आयात करना पड़ता है, जबकि 8 लाख टन घरेलू रिफाइनरियों से मिलता है। मार्च में हालांकि करीब 20,000 टन एलपीजी लेकर तीन जहाज पाकिस्तान पहुंचे, लेकिन यह आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए ही पर्याप्त है। इसके अलावा डीजल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, एलपीजी सिर्फ 9 दिन और जेट फ्यूल 14 दिन के लिए उपलब्ध है।

पाकिस्तान अपनी लगभग 70 प्रतिशत पेट्रोलियम जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है। ऐसे में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण शिपिंग रूट और सप्लाई चेन प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

सरकार अब ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति की अनुमति को लेकर बातचीत कर रही है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की आपूर्ति में बाधा जारी रही, तो 14 अप्रैल के बाद देश को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है।

Source: IANS

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