इजरायली पीएम नेतन्याहू ने हेगसेथ से की मुलाकात, 16 बिलियन डॉलर के नए रक्षा फंड पर हुई चर्चा

वाशिंगटन, 30 जुलाई । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ अलग-अलग बातचीत की। इसके साथ ही इजरायली पीएम ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से भी मुलाकात की।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्लेयर हाउस में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ऑफिस से जारी फुटेज में दोनों लोगों को हाथ मिलाते और बात करते हुए दिखाया गया है, उनके साथ कई मिलिट्री और सिविलियन सहयोगी भी हैं।

अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर लिखा, "मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री, बेंजामिन नेतन्याहू से मिलकर खुशी हुई। मेरी टीम के सदस्य, जिनमें युद्ध के अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी और पब्लिक अफेयर्स के लिए युद्ध सचिव के सहायक सीन पार्नेल शामिल हैं, हमारी रक्षा साझेदारी की मजबूती और हमारे साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित करने के लिए मेरे साथ शामिल हुए।"

सीनियर अधिकारी ने बताया कि नेतन्याहू ने ट्रंप के टॉप अधिकारियों से लगभग 16 बिलियन डॉलर का एक नया संयुक्त अमेरिका-इजरायल फंड बनाने के बारे में भी बात की। इस फंड का इस्तेमाल नए हथियार प्रणाली के रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रंप और नेतन्याहू की साथ में तस्वीरें जारी कीं। एक इजरायली अधिकारी ने बैठक को 'बहुत सकारात्मक' बताया।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान के साथ युद्ध, लेबनान से जुड़ी बातचीत और अब्राहम समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा होने की उम्मीद थी।

नेतन्याहू से उम्मीद थी कि वे ट्रंप को ईरान की कथित गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी देंगे। इसमें पिकैक्स माउंटेन नाम की एक भूमिगत जगह भी शामिल थी, जिसके बारे में माना जाता है कि उसका संबंध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से है।

हालांकि, ट्रंप इस बात से नाराज दिखे कि इजरायली नेता ने अपनी योजना के बारे में पहले ही सार्वजनिक रूप से बता दिया था।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, "मैंने सुना कि नेतन्याहू ने इसकी घोषणा कर दी। मैंने कहा, 'आप मुझे ही क्यों नहीं बता देते? इसे पूरी दुनिया को बताने की क्या जरूरत थी?"

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि वे ईरान के साथ दोबारा बातचीत के पक्ष में हैं, जबकि इजरायल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने की बात करता रहा है। ट्रंप ने सोमवार को माना था कि दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद हैं।

उन्होंने कहा था, "हमारे बीच थोड़ा अंतर है, लेकिन हम काफी करीब हैं।"

Source: IANS

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