बीते पांच दिनों में 55,000 से अधिक पीएनजी कनेक्शन शुरू; 23 मार्च से अब तक 4.3 लाख 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर बेचे गए

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि पिछले पांच दिनों में 110 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) में 55,000 से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति शुरू की गई है। साथ ही बताया कि 23 मार्च से अब तक 4.3 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। 

एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तन से जुड़े राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन दिया गया है, और सुधार पर ध्यान केंद्रित करने वाले राज्यों के लिए अतिरिक्त आवंटन की सिफारिश की जा रही है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "फिलहाल, आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को यह अतिरिक्त आवंटन प्रदान किया जा रहा है, और तीन अन्य राज्यों से प्राप्त आवेदन वर्तमान में विचाराधीन हैं।"

बयान में आगे कहा गया कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और पेट्रोल व डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ा दिया गया है।

देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।

मंत्रालय ने कहा, “पेट्रोल और डीजल के नियमित खुदरा मूल्य अपरिवर्तित हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (ओएमसी) अपनी लागत से पेट्रोल पर 24.40 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपए प्रति लीटर कम वसूल रही है।”

सरकार ने जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दोहराई है और राज्य सरकारों से नियमित प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सटीक जानकारी प्रसारित करने का अनुरोध किया है।

इसके अलावा, घरेलू पीएनजी और सीएनजी (परिवहन) को 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता आवंटन जारी है।

बयान में कहा गया है, "ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत पर बनाए रखी गई है। सीजीडी संस्थाओं को रेस्तरां, होटल और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।"

अधिकांश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक संस्थाओं द्वारा 14 मार्च से अब तक कुल 60,370 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की गई है।

संचालित यूरिया संयंत्रों को आपूर्ति पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर स्थिर है। 

मंत्रालय ने कहा कि पाइपलाइन संचालन को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एलएनजी और आरएलएनजी आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।

Source: IANS

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