अमेरिका-ईरान युद्ध के तेज होने के संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 2 प्रतिशत फिसले

मुंबई, 2 अप्रैल। पिछले कारोबारी दिन (बुधवार) की शानदार तेजी के बाद पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के तेज होने के संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला और शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी, दोनों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। 

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 872.27 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 72,262.05 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 296 अंक या 1.31 प्रतिशत गिरकर 22,383.40 पर खुला। बैंक निफ्टी इंडेक्स 823 अंक या 1.60 प्रतिशत गिरकर 50,625.65 पर खुला।

खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:29 बजे के करीब) सेंसेक्स 1.90 प्रतिशत यानी 1388.11 अंक गिरकर 71,746.21 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 1.94 प्रतिशत या 439.40 अंक गिरकर 22,240 पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल रंग में कारोबार करते नजर आए।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 2.77 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.82 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक और अन्य सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए, जबकि निफ्टी एफएमसीजी में 1.46 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में सबसे कम 0.38 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

इस दौरान निफ्टी50 के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिसमें सन फार्मा, इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, मैक्सहेल्थ, एसबीआई और एमएंडएम के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

गौरतलब है कि शेयर बाजार में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर कड़ा प्रहार करेगा, जिससे मध्य पूर्व में जल्द युद्धविराम की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के साथ बातचीत जारी है और युद्ध शायद ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। इन विरोधाभासी बयानों से व्यापारियों में और भी घबराहट फैल गई।

ट्रंप के भाषण के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत 3 प्रतिशत बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की गतिविधियों, एफआईआई की गतिविधियों और पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखते हुए, बाजारों में अस्थिरता और घटनाओं के आधार पर बदलाव होने की संभावना है।

Source: IANS

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