नए लेबर कोड के तहत अब कुछ कर्मचारियों को 1 साल के बाद भी मिलेगा ग्रेच्युटी का अधिकार

नई दिल्ली, 4 अप्रैल। नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की लगातार सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी पाने का अधिकार मिल सकता है, जबकि पहले इसके लिए 5 साल तक नौकरी करना जरूरी था। 

नवंबर 2025 से लागू हुए इन नए श्रम कानूनों के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी पहले से मिलने लगेगी। हालांकि एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्थायी (परमानेंट) कर्मचारियों के लिए अभी भी 5 साल की सेवा पूरी करनी जरूरी है, लेकिन मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में छूट दी गई है।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे होते हैं जिन्हें कंपनियां एक तय समय के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करती हैं, जो आमतौर पर एक या दो साल का हो सकता है। अब ऐसे कर्मचारियों की ग्रेच्युटी उनकी नौकरी की अवधि के अनुसार तय की जाएगी।

इन नए नियमों से देश के औपचारिक (फॉर्मल) सेक्टर के लाखों कर्मचारियों को नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक पहुंच आसान हो सकती है। नए लेबर कोड के मुताबिक, ग्रेच्युटी की गणना वेतन के आधार पर होगी, जो कर्मचारी के कुल सीटीसी (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।

श्रम मंत्रालय के अनुसार, वेतन में बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (डीए), रिटेनिंग अलाउंस और अन्य भत्ते शामिल होते हैं, जो कर्मचारी को दिए जाते हैं।

जिन कर्मचारियों का पहले बेसिक वेतन कम था, उनके लिए अब ग्रेच्युटी की रकम में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ग्रेच्युटी एक कानूनी रूप से अनिवार्य एकमुश्त (लंप-सम) भुगतान होता है, जो नियोक्ता अपने कर्मचारी को उसकी लंबी सेवा के सम्मान में देता है, आमतौर पर 5 साल की सेवा या रिटायरमेंट के बाद।

श्रम मंत्रालय ने अपने एफएक्यू में कहा है कि ग्रेच्युटी के ये नए नियम 21 नवंबर 2025 से लागू हो गए हैं और संस्थानों को इसके लिए अपने अकाउंटिंग नियमों के अनुसार प्रावधान करना होगा।

इसका मतलब है कि 21 नवंबर 2025 या उसके बाद नौकरी जॉइन करने वाले कर्मचारी ही एक साल की लगातार सेवा पूरी करने के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकेंगे।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement