आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत किया, 2027 में 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान

नई दिल्ली, 8 अप्रैल। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को भारत की आर्थिक वृद्धि दर को लेकर नया अनुमान जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक जीडीपी ग्रोथ को 7.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है, साथ ही भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई है। 

आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की यह वृद्धि मजबूत सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार और घरेलू मांग के कारण संभव होगी, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2027 के लिए आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो यह संकेत देता है कि बाहरी जोखिम और लागत का दबाव बढ़ने से वृद्धि दर में थोड़ी नरमी आ सकती है। यह जानकारी आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद दी।

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए ग्रोथ अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि दूसरी तिमाही का अनुमान 7 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत किया गया है। इसका कारण ईरान युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबाव को बताया गया है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, "ऊर्जा की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से महंगाई का खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।"

वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही, जो इससे पिछली तिमाही के 8.4 प्रतिशत से कम है।

आरबीआई को उम्मीद है कि निजी क्षेत्र का निवेश आगे भी बढ़ता रहेगा, क्योंकि उद्योगों में क्षमता उपयोग का स्तर ऊंचा बना हुआ है। इसके साथ ही, निकट भविष्य में खाद्य महंगाई भी नियंत्रण में रहने की संभावना है।

वित्त वर्ष 2027 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में यह 4 प्रतिशत, दूसरी में 4.4 प्रतिशत, तीसरी में 5.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित की जाएगी ताकि अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

3 अप्रैल तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 697.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

संजय मल्होत्रा ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले नेट एफडीआई में सुधार हुआ है और भारत ग्रीनफील्ड निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।

आरबीआई को उम्मीद है कि निजी निवेश में सुधार आगे भी जारी रहेगा, जिससे आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा।

Source: IANS

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