भारत का कुल निर्यात फरवरी में 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर रहा

नई दिल्ली, 16 मार्च। भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) फरवरी 2026 में सालाना आधार पर 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को दी गई।  

मंत्रालय ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में भारत का संचयी निर्यात 790.86 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो कि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में 747.58 अरब डॉलर था। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते महीने देश का वस्तु निर्यात 36.61 अरब डॉलर रहा है, जो कि बीते साल फरवरी में 36.91 अरब डॉलर था। 

देश का वस्तु निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में 402.93 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 395.66 अरब डॉलर था। यह समीक्षा अवधि में सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी माह के लिए सेवाओं के निर्यात का अनुमानित मूल्य 39.53 अरब डॉलर है, जबकि फरवरी 2025 में यह 31.65 अरब डॉलर था। वहीं, अप्रैल-फरवरी 2025-26 की अवधि के लिए यह 387.93 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 में यह 351.93 अरब डॉलर था।

फरवरी में माल निर्यात वृद्धि के प्रमुख कारकों में इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैविक और अजैविक रसायन, रत्न और आभूषण तथा मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद शामिल हैं।

इंजीनियरिंग सामान का निर्यात फरवरी 2025 में 9.17 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 10.36 अरब डॉलर हो गया, जो 12.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात फरवरी 2025 में 3.79 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 4.18 अरब डॉलर हो गया, जो 10.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

जैविक और अजैविक रसायनों का निर्यात फरवरी 2025 में 2.23 अरब डॉलर से बढ़कर पिछले महीने 2.38 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 6.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

रत्न और आभूषणों का निर्यात फरवरी 2025 में 2.53 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 2.64 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 4.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

आंकड़ों के अनुसार, मांस, डेयरी और मुर्गी उत्पादों का निर्यात पिछले महीने 0.45 अरब डॉलर से बढ़कर 0.55 अरब डॉलर हो गया, इसमें 22.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान माल आयात 713.53 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान यह 657.46 अरब डॉलर था। अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान माल व्यापार घाटा 310.60 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान यह 261.80 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान सेवा आयात का अनुमानित मूल्य 186.98 अरब डॉलर है, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान यह 181.23 अरब डॉलर था। अप्रैल-फरवरी 2025-26 के लिए सेवा व्यापार अधिशेष 200.96 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान यह 170.69 अरब डॉलर था।

Source: IANS

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