भारत-न्यूजीलैंड एफटीए में लीगल वेरिफिकेशन का काम पूरा, 27 अप्रैल को होंगे हस्ताक्षर
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एफटीए में लीगल वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है और दोनों देश 27 अप्रैल को समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के व्यापार जगत से जुड़े बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद होंगे।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल । भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एफटीए में लीगल वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है और दोनों देश 27 अप्रैल को समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के व्यापार जगत से जुड़े बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद होंगे। यह बयान न्यूजीलैंड के ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट मंत्री टोड मैक्ले ने सोमवार को दिया।
मैक्ले ने अपने बयान में कहा,"यह एक पीढ़ी में केवल एक बार आने वाला मौका है। इससे हमारे निर्यातकों को 1.4 अरब की आबादी वाला एक बड़ा बाजार और एक ऐसी अर्थव्यवस्था में अपना सामान बेचने का मौका मिलेगा, जो कि जल्दी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है।"
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के बीच, न्यूजीलैंड की समृद्धि के लिए भारत के साथ व्यापार समझौता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
मंत्री ने कहा, “एफटीए पर हस्ताक्षर करने से न्यूजीलैंड को औपचारिक संसदीय संधि समीक्षा शुरू करने का अवसर मिलेगा और जनता समझौते की पूरी तरह से जांच कर सकेगी।”
मैक्ले ने बताया, इस एफटीए के तहत न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम कर दिया गया है, जो किसी भी भारतीय मुक्त व्यापार समझौते में सबसे अधिक है। हमारे लगभग 57 प्रतिशत निर्यात पहले दिन से ही शुल्क-मुक्त होंगे, जिनमें भेड़ का मांस, ऊन, कोयला, चमड़ा, अधिकांश वानिकी और औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता पिछले साल दिसंबर में हुआ है।
मैक्ले ने कहा कि सरकार भारत के साथ एफटीए के लिए स्थापित संसदीय संधि जांच प्रक्रिया का पालन करेगी, जिससे सभी पक्षों को समझौते पर अपने समर्थन पर विचार करने का अवसर मिलेगा, जबकि जनता भी समझौते की बारीकी से जांच करेगी।
भारत, न्यूजीलैंड के अलावा अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय यूनियन, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए), यूएई और ओमान के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार समझौता कर चुका है।
Source: IANS

