पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते लगातार पांचवें दिन गिरा बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 0.43 प्रतिशत फिसले

मुंबई, 24 जुलाई । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस बीच घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी 50, दोनों में 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार पांचवां सत्र रहा, जब बाजार में गिरावट देखने को मिली।

बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, तो वहीं, निफ्टी 50 102 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,391.39 से 0.89 प्रतिशत यानी 683.2 अंक गिरकर 75,708.19 पर खुला और दिन के कारोबार में यह 1.20 प्रतिशत यानी 916.96 अंक गिरकर 75,474.43 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,869.60 से 0.85 प्रतिशत यानी 203.25 अंक गिरकर 23,666.35 पर खुला और दिन में एक समय यह 1.10 प्रतिशत गिरकर 23,606.30 के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.10 प्रतिशत और 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

वहीं, विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन मिलाजुला रहा, जिसमें निफ्टी मीडिया 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाला क्षेत्र बनकर उभरा। इसके बाद निफ्टी आईटी में 0.8 प्रतिशत की बढ़त, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.5 प्रतिशत की बढ़त और निफ्टी बैंक में 0.18 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।

दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 1.10 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी में 0.57 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.46 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.4 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रा में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में इटरनल, बजाज फाइनेंस, एम एंड एम, श्रीराम फाइनेंस और बजाज-ऑटो शामिल रहे, जबकि सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी और एचडीएफसी लाइफ शामिल थे।

इस सप्ताह सेंसेक्स में लगभग 2,100 अंकों या 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे सत्र में वृद्धि जारी रही और ब्रेंट क्रूड का सितंबर अनुबंध 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गया। इस सप्ताह अब तक ब्रेंट क्रूड में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले सप्ताह इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। पिछले तीन महीनों से लगातार गिरावट के बाद, ब्रेंट क्रूड जुलाई में अब तक लगभग 40 प्रतिशत ऊपर चढ़ चुका है। बाजार में गिरावट की ये एक बड़ी वजह रही।

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में 23,650-23,600 का स्तर निफ्टी 50 के लिए तत्काल महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। यदि इंडेक्स इस दायरे के नीचे मजबूती से फिसलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,450 और उसके बाद 23,300 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 23,950-24,000 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा, जो 50-दिवसीय ईएमए के साथ मेल खाता है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो बाजार में राहत भरी तेजी देखने को मिल सकती है।

Source: IANS

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