भारत में बीते पांच वित्त वर्षों में पहली बार कोस्टा कॉफी के स्टोर्स की संख्या घटकर 198 हुई

नई दिल्ली, 26 जुलाई । ब्रिटेन की कॉफी चेन कोस्टा कॉफी के भारत में स्टोर नेटवर्क में बीते पांच वित्त वर्षों में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है।

कंपनी की भारत में फ्रेंचाइजी पार्टनर देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड (डीआईएल) की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कोस्टा कॉफी के भारत में 198 कैफे संचालित हो रहे थे, जबकि एक साल पहले इनकी संख्या 220 थी।

बीते वित्त वर्ष में 22 स्टोर्स का बंद होना वित्त वर्ष 2020-21 से लगातार जारी ब्रांड के विस्तार के सिलसिले में पहली बड़ी गिरावट है।

हालांकि, स्टोर्स की संख्या घटने के बावजूद, कोस्टा कॉफी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 212.5 करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 198.5 करोड़ रुपए था।

इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 30.76 प्रतिशत बढ़ा था, जिसे 179 स्टोर्स से बढ़कर 220 स्टोर्स तक पहुंचे तेज नेटवर्क विस्तार का समर्थन मिला था।

ताजा प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि कंपनी अब केवल स्टोर विस्तार पर निर्भर रहने के बजाय प्रति स्टोर अधिक राजस्व अर्जित करने की रणनीति पर ध्यान दे रही है।

पिछले पांच वर्षों में कोस्टा कॉफी का नेटवर्क लगातार बढ़ा था। इस दौरान स्टोर्स की संख्या वित्त वर्ष 21 में 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 22 में 55, वित्त वर्ष 23 में 112, वित्त वर्ष 24 में 179 और वित्त वर्ष 25 में 220 हो गई थी। इसके बाद वित्त वर्ष 26 में यह घटकर 198 रह गई।

हालांकि, वार्षिक रिपोर्ट में स्टोर्स की संख्या घटने के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन देवयानी इंटरनेशनल ने कहा कि वर्ष के दौरान उसने अपने पूरे पोर्टफोलियो में विस्तार के लिए "अधिक अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण" अपनाया।

इसके बावजूद कंपनी ने कॉफी चेन के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि कोस्टा कॉफी, यम! ब्रांड्स द्वारा संचालित क्विक सर्विस रेस्तरां चेन पिज्जा हट और केएफसी के साथ उसके प्रमुख विकास इंजन में शामिल है।

डीआईएल ने कहा कि कोस्टा कॉफी भारत के प्रीमियम आउट-ऑफ-होम कॉफी बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इसके लिए वह खास तौर पर जेन-जी और मिलेनियल उपभोक्ताओं को लक्ष्य बना रही है।

कंपनी ने कहा कि युवाओं को केंद्र में रखकर ब्रांड की नई रणनीति ने इसे युवा पेशेवरों और छात्रों के लिए सामाजिक मेलजोल के पसंदीदा स्थान के रूप में और मजबूत बनाया है। साथ ही, वित्त वर्ष 26 के दौरान बदलती उपभोक्ता पसंद के अनुरूप कई नए मेन्यू भी पेश किए गए।

भारत में कोस्टा कॉफी की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं अभी भी मजबूत मानी जा रही हैं। अप्रैल 2025 में कोस्टा कॉफी के ग्लोबल सीईओ फिलिप शैले ने भारत को कंपनी के वैश्विक स्तर पर शीर्ष 20 बाजारों में से एक बताया था। उन्होंने कहा था कि आने वाले वर्षों में भारत के कोस्टा कॉफी के शीर्ष पांच वैश्विक बाजारों में शामिल होने की उम्मीद है।

Source: IANS

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