सरकार ने आरबीआई को 10 रुपए और 20 रुपए के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने संसद को सोमवार को बताया कि वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 10 रुपए और 20 रुपए मूल्यवर्ग के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के माध्यम से दी।

नई दिल्ली, 27 जुलाई । केंद्र सरकार ने संसद को सोमवार को बताया कि वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 10 रुपए और 20 रुपए मूल्यवर्ग के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के माध्यम से दी।
सरकार ने हालांकि स्पष्ट किया कि इस फैसले का मतलब कागज के नोटों को बंद करना नहीं है। पॉलिमर नोट मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही चलन में रहेंगे और फिलहाल कागज-आधारित बैंक नोटों को पूरी तरह पॉलिमर नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सरकार के अनुसार, आरबीआई फील्ड ट्रायल के तहत 10 रुपए और 20 रुपए के एक-एक अरब (1 बिलियन) पॉलिमर नोट जारी करेगा। इन नोटों को परीक्षण के आधार पर बाजार में उतारा जाएगा ताकि भारतीय परिस्थितियों में इनके प्रदर्शन का आकलन किया जा सके। यदि ट्रायल सफल रहता है, तभी इनके व्यापक स्तर पर जारी किए जाने पर विचार किया जाएगा।
आरबीआई का कहना है कि पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं। अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर केंद्रीय बैंक का मानना है कि इनकी उम्र अधिक होती है, जिससे अधिक नकदी वाले देशों के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।
आरबीआई ने यह भी बताया कि कम मूल्यवर्ग के नोट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिसके कारण उन्हें बार-बार छापना और नष्ट करना पड़ता है। पॉलिमर नोट इस समस्या को कम कर सकते हैं और लंबे समय में नोटों की छपाई और प्रतिस्थापन पर होने वाला खर्च भी घटा सकते हैं। इसके अलावा, पॉलिमर नोटों में पारदर्शी 'सी-थ्रू' विंडो और विशेष सुरक्षा धागे (सिक्योरिटी थ्रेड) जैसे उन्नत सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल भुगतान पर संभावित प्रभाव को लेकर आरबीआई ने कहा कि अभी इस बारे में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पॉलिमर नोट नियमित रूप से चलन में आने के बाद ही इसका आकलन किया जा सकेगा।
केंद्रीय बैंक का मानना है कि नकद मुद्रा और डिजिटल भुगतान दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और भविष्य में भी दोनों माध्यम साथ-साथ चलते रहेंगे।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में अपने लिखित जवाब में दोहराया कि फिलहाल कागज आधारित बैंक नोटों को पूरी तरह पॉलिमर नोटों से बदलने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है।
Source: IANS

