बिजनेस - पेज 89
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सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) ने अपने कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आचार संहिता को और सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत हितों के टकराव को रोकने, निवेश पर निगरानी बढ़ाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए हैं।
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मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध फिर से शुरू होने के बाद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले के मुकाबले अच्छी स्थिति में है। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से सोमवार को दी गई।
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अमेरिका-ईरान में संघर्ष बढ़ने से सोने और चांदी में सोमवार को बिकवाली देखने को मिली है। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 2 प्रतिशत तक कम हो गया है।
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मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:18 पर सेंसेक्स 649 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,920 और निफ्टी 184 अंक या 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर था।
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विगत सप्ताह भारत की शीर्ष 10 कंपनियों में से चार के बाजार पूंजीकरण में कुल 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़त में सर्वाधिक योगदान एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल का रहा है।
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सरकार की ओर से डेट निवेश के टैक्स नियमों में किए गए बदलाव विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही रुपए की स्थिरता भी विदेशी प्रवाह को वापस लाने में मदद कर रही है।
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आज के समय में केवल बचत करना ही काफी नहीं है, रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने रहना भी बेहद जरूरी हो गया है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) की 1 जनवरी 2004 से शुरुआत की थी।
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अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ 'सीएआईटी' (कैट) ने केंद्र सरकार द्वारा 14 जुलाई को 'हाई-फ्रीक्वेंसी इकोनॉमिक बैरोमीटर' लॉन्च करने के फैसले का स्वागत किया है। कैट का कहना है कि यह पहल छोटे व्यापारियों, खुदरा कारोबारियों, एमएसएमई और उद्यमियों को मजबूत बनाएगी तथा भारत की आर्थिक विकास यात्रा को नई गति देगी।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को ब्रिक्स (बीआरआईसीएस) देशों से टिकाऊ, मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की।।
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की मांग में सुधार शुरू हो गया है। मई में तेल की मांग घटकर 9.79 करोड़ बैरल प्रतिदिन (97.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन) रह गई थी, जो एक साल पहले की तुलना में 53 लाख बैरल प्रतिदिन कम थी।
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