शिमला: लोकभवन में गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस समारोह, राज्यपाल बोले, 'विविधता में एकता ही देश की ताकत'

शिमला, 1 मई । लोक भवन में गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस के अवसर पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें दोनों राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हिमाचल में रह रहे गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को इस खास मौके पर एक साथ आकर एकता और सांस्कृतिक मेल-जोल की भावना के साथ उत्सव मनाने के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम के दौरान गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़े प्रतिभागियों ने राज्यपाल से मुलाकात की और अपनी-अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी साझा की। इस अवसर ने अलग-अलग राज्यों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी समझ और सम्मान को बढ़ाने का काम किया। लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे की संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिला।

राज्यपाल ने कार्यक्रम में शामिल मेहमानों को पारंपरिक हिमाचली टोपी और मफलर भेंट कर उनका सम्मान किया। यह सम्मान हिमाचल की संस्कृति और मेहमाननवाजी का प्रतीक है। कार्यक्रम का माहौल सौहार्द और उत्साह से भरा रहा, जहां सभी ने मिलकर इस खास दिन को यादगार बनाया।

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि इस तरह के आयोजन देश में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में भले ही अलग-अलग भाषाएं और संस्कृतियां हों, लेकिन सभी लोग एक राष्ट्र के रूप में जुड़े हुए हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विचार भारतीय संस्कृति की जड़ों में बसा हुआ है और ऐसे आयोजन इसे और मजबूत करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लोक भवन में इस तरह के कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे को बेहतर समझने और देश की विविधता की सराहना करने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी मौजूद रहे और उन्होंने भी इस पहल की सराहना की।

Source: IANS

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