प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में अहमदाबाद बना मॉडल, हाईकोर्ट ने की तारीफ
अहमदाबाद शहर को “प्रतिबंधित प्लास्टिक फ्री सिटी” बनाने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान की माननीय गुजरात हाईकोर्ट ने सराहना की है।

अहमदाबाद, 16 मार्च। अहमदाबाद शहर को “प्रतिबंधित प्लास्टिक फ्री सिटी” बनाने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान की माननीय गुजरात हाईकोर्ट ने सराहना की है। हाल ही में दिए गए अपने आदेश में माननीय गुजरात हाईकोर्ट ने एएमसी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए राज्य की अन्य बड़ी नगरपालिकाओं को भी इसी दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया है।
गुजरात हाई कोर्ट के समक्ष अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा शहर में ठोस कचरा प्रबंधन, जब्त किए गए प्लास्टिक कचरे के निस्तारण, प्लास्टिक सामग्री के अपसाइक्लिंग तथा सीमेंट उद्योगों और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स में उसके उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई थी। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) के पालन तथा पंजीकृत रिसाइक्लर्स से संबंधित जानकारी भी न्यायालय के समक्ष रखी गई थी।
इस प्रस्तुति के आधार पर माननीय हाईकोर्ट ने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा शहर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कचरे के संग्रह और प्रोसेसिंग के लिए किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
इसके अतिरिक्त हाई कोर्ट ने राज्य की अन्य प्रमुख नगरपालिकाओं जैसे सूरत, राजकोट और वडोदरा सहित अन्य शहरों को भी अपने क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मॉडल का अनुसरण करते हुए सक्रिय कदम उठाने का सुझाव दिया है।
वर्तमान में अहमदाबाद शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए एएमसी द्वारा सघन जांच अभियान और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत 120 माइक्रॉन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक थैलियों तथा 60 जीएसएम से कम मोटाई वाली नॉन-वुवन कैरी बैग के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
इन नियमों के प्रभावी अमल के लिए शहर के सात जोनों में स्थित सभी 48 वार्डों में स्वच्छता स्क्वॉड द्वारा प्रतिदिन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पिछले एक वर्ष के दौरान अब तक कुल 1,48,413 व्यक्तियों और इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुल 4.29 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 20,926 से अधिक प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है। साथ ही 9,626 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर उसका निस्तारण किया गया है।
इसके अतिरिक्त खाद्य बाजारों, किराना दुकानों, फेरीवालों तथा सब्जी और फल बाजारों पर विशेष ध्यान देते हुए सप्ताह में दो बार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर पहली बार 1,000, दूसरी बार 3,000 और तीसरी या उससे अधिक बार उल्लंघन करने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अलावा प्रतिबंधित प्लास्टिक का उत्पादन करने या बड़े पैमाने पर उसकी बिक्री करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सील करने की कार्रवाई भी की जाती है।
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शहर के सभी जागरूक नागरिकों, व्यापारी संगठनों और फेरीवालों से विनम्र अपील की है कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण मुक्त शहर देने के लिए प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग बंद कर ‘कपड़े के थैले’ अपनाएं। यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने के लिए नहीं बल्कि शहर को वास्तव में स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें नागरिकों के सक्रिय सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
Source: IANS
