छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 21 मवेशियों की मौत, आंधी-तूफान से उखड़े पेड़

रायपुर/बीजापुर, 17 मई । छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 21 मवेशियों की मौत हो गई। रविवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में खराब मौसम के कारण बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में 21 मवेशियों की मौत हो गई।

अचानक मौसम बदलने से आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश की वजह से स्थानीय पशुपालकों और किसानों के लिए भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

शनिवार रात बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड स्थित पोंडुम गांव में मवेशी खुले खेतों और कृषि भूमि में चर रहे थे, तभी अचानक मौसम ने बेहद उग्र रूप धारण कर लिया। गरज के साथ कड़कती बिजली की चपेट में आने से 10 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पशुपालकों को झकझोर कर रख दिया।

वहीं, गोरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गोरेला क्षेत्र स्थित राजमेरगढ़ गांव के दूरदराज और पहाड़ी इलाके में भी ऐसी ही एक घटना घटी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली। मूसलाधार बारिश होने लगी, तभी बिजली एक मवेशियों के झुंड पर गिर गई। इस कारण ग्यारह मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।

शनिवार को अचानक मौसम बदलने से रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी-तूफान के कारण पेड़ उखड़ गए, वाहनों को नुकसान पहुंचा और यातायात बाधित हो गया। रविवार सुबह तक सफाई अभियान चलाना पड़ा।

मौसम विभाग ने सोमवार तक लगातार बारिश और बादलों के छाए रहने का अनुमान लगाया है। इसके बाद बस्तर संभाग को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ ​​हो जाएगा। वहीं, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे मई के अंत तक लू चलने की संभावना बन सकती है।

Source: IANS

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