झारखंड : धनबाद में तेज धमाके के साथ फिर धंसी भूमि, चार मकान प्रभावित,

धनबाद, 20 सितंबर । झारखंड के धनबाद जिले के कोयलांचल में भू-धंसान की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को लोयाबाद थाना क्षेत्र के सात नंबर मुस्लिम मोहल्ले में तेज आवाज के साथ अचानक जमीन धंस गई। इसकी चपेट में चार मकान आ गए, जिनमें से दो पूरी तरह जमींदोज हो गए। मकानों में रखा गृहस्थी का सामान भी जमीन के भीतर समा गया।

हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन धंसने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज हुई। इसके बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे। आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि प्रभावित मकानों में रहने वाले लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलने पर लोयाबाद थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर बैरिकेडिंग कर दी। लोगों को खतरे वाले हिस्से में जाने से रोक दिया गया है।

प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। जमीन धंसने के कारण और प्रभावित क्षेत्र के विस्तार का आकलन किया जा रहा है। धनबाद के कोयलांचल में पिछले करीब डेढ़ महीने के दौरान भू-धंसान की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अगस्त में कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में बड़े पैमाने पर जमीन धंसने से 12 से अधिक मकान प्रभावित हुए थे। कई मकानों के जमीन में समा जाने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। सितंबर में छाताबाद में फिर भू-धंसान हुआ। खुशबू मोहल्ले से मस्जिद रोड तक जमीन और सड़कों में दरारें पड़ने के साथ करीब एक दर्जन मकान प्रभावित हुए।

प्रशासन ने इलाके को घेरकर लोगों को वहां से दूर रहने की हिदायत दी। बाद में बीसीसीएल ने प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही रोकने और राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की। 8 सितंबर को सिजुआ के तीन पट्टियां धौड़ा इलाके में जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसने से चार मकान जमींदोज हो गए थे। एक परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन पांच वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बाद में सर्वे और गोफ भराई का काम शुरू किया गया।

इसी महीने महेशपुर कोलियरी के ओबी डंपिंग क्षेत्र में भी भू-धंसान की घटना हुई थी। वहां जमीन धंसने के बाद बीसीसीएल की टीम ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा सितंबर में बरारी छह नंबर बस्ती, लोदना और केशलपुर-कुमारपट्टी क्षेत्र में भी जमीन धंसने तथा खदान धंसने की घटनाएं सामने आईं। केशलपुर-कुमारपट्टी में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई थी।

बरारी में जमीन में दरारों के साथ गैस और आग निकलने की घटना ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई। लगातार हो रही घटनाओं ने कोयलांचल के उन इलाकों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जहां पुरानी भूमिगत खदानों, भूमिगत खाली हिस्सों और खनन गतिविधियों के कारण जमीन की स्थिरता को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से प्रभावित इलाकों की निगरानी, खतरनाक स्थानों की घेराबंदी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है।

Source: IANS

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