कपिल शर्मा कैफे गोलीबारी मामला: कनाडा पुलिस ने दो लोगों पर तय किए आरोप, जल्द होगी सुनवाई
कनाडा के सरे शहर में भारतीय कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी और एक महिला के घायल होने से जुड़े दूसरे मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
वैंकूवर, 7 नवंबर । कनाडा के सरे शहर में भारतीय कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी और एक महिला के घायल होने से जुड़े दूसरे मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने शुक्रवार को 22 वर्षीय परदीप सिंह और सवीर खान के खिलाफ आरोप तय किए जाने का ऐलान किया। दोनों को 1 नवंबर को सरे से पकड़ा गया था और फिलहाल वे हिरासत में हैं।
दोनों पर गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में लापरवाही से हथियार चलाने के दो-दो आरोप लगाए गए हैं। प्रत्येक घटना के लिए एक आरोप है। हालांकि, अदालत में अभी इन आरोपों को साबित किया जाना बाकी है।
कनाडाई मीडिया संस्थान 'द कैनेडियन प्रेस' के मुताबिक, गोलीबारी की घटना कपिल शर्मा के कैफे 'कप्स कैफे' में हुई थी। पुलिस की ओर से जारी तारीख और स्थान का विवरण 16 अक्टूबर 2025 को प्रतिष्ठान पर हुए हमले से मेल खाता है।
घटना के समय कैफे बंद था, लेकिन उसके भीतर दो कर्मचारी मौजूद थे। गोलीबारी में दोनों सुरक्षित रहे और किसी को चोट नहीं आई।
इससे चार दिन पहले, 12 अक्टूबर को 103ए एवेन्यू के 13000 ब्लॉक स्थित एक घर पर भी गोलीबारी हुई थी। इस घटना में एक महिला घायल हो गई थी।
दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध सामने आने के बाद प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। गिरफ्तारी की कार्रवाई में सरे पुलिस सेवा और ब्रिटिश कोलंबिया की संयुक्त विशेष प्रवर्तन इकाई ने भी सहयोग किया।
आरसीएमपी के वरिष्ठ अधिकारी चीफ सुपरिंटेंडेंट डंकन पाउंड ने बताया कि आरोप तय होने से पहले एक साल से अधिक समय तक जांच चली। इस दौरान तलाशी वारंट, न्यायिक अनुमति और साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
पाउंड ने कहा कि इन घटनाओं से स्थानीय समुदाय में पैदा हुई चिंताओं को पुलिस समझती है और साझा करती है। उन्होंने कहा कि ये आरोप जबरन वसूली से जुड़ी हिंसा के खिलाफ विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को भी दर्शाते हैं।
हालांकि, पुलिस की ओर से जारी जानकारी में दोनों गोलीबारी की घटनाओं के पीछे किसी खास जबरन वसूली की मांग का उल्लेख नहीं किया गया है। साथ ही, आरोपियों की राष्ट्रीयता की भी पुष्टि नहीं की गई है।
'द कैनेडियन प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 की घटना से पहले भी कप्स कैफे को दो बार गोलीबारी का निशाना बनाया जा चुका था। हमलावरों के नजरिए से बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए थे।
ब्रिटिश कोलंबिया सरकार ने सितंबर 2025 में प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स का गठन किया था। आरसीएमपी के नेतृत्व वाली इस इकाई का उद्देश्य प्रांत में जबरन वसूली से जुड़ी हिंसक घटनाओं की जांच में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
Source: IANS