ईडी ने गिरफ्तार पूर्व तृणमूल विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़े 12 ठिकानों पर मारा छापा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में सब्यसाची दत्ता से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। सब्यसाची दत्ता तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) के पूर्व महापौर हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।

कोलकाता, 31 जुलाई । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में सब्यसाची दत्ता से जुड़े 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। सब्यसाची दत्ता तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) के पूर्व महापौर हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है।
शुक्रवार सुबह से चल रही एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान दत्ता के नाम पर पंजीकृत आवास और बैंक लॉकर से हाल ही में बरामद 3.5 किलोग्राम सोने के संबंध में हैं। इसी दौरान पुलिस ने 76 करोड़ रुपए मूल्य की सोने की खरीद रसीदें भी बरामद की हैं।
तृणमूल कांग्रेस की नेता टीना भौमिक के आवास से भी सोने की खेप बरामद की गई, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान दत्ता की बेहद करीबी विश्वासपात्र के रूप में जानी जाती थीं।
छापेमारी और तलाशी अभियान इसलिए चलाए जा रहे हैं, ताकि इस बात के सुराग जुटाए जा सकें कि क्या जब्त किया गया सोना जबरन वसूली और भ्रष्टाचार से अर्जित धन से खरीदा गया था, जो दत्ता के खिलाफ दो मुख्य आरोप हैं।
दत्ता पर अपनी आय के अनुपात से कहीं अधिक संपत्ति रखने का भी आरोप लगाया गया है।
इससे पहले, राज्य पुलिस ने सब्यसाची और उनकी पत्नी इंद्राणी दत्ता के पांच बैंक खाते जब्त (फ्रीज) कर दिए थे। पुलिस के अनुसार, इन पांच बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और नकदी में कुल 3.70 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं।
दत्ता को 9 जून की सुबह राज्य पुलिस ने पिछली रात से चल रही लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित सॉल्ट लेक में रहने वाले एक व्यवसायी द्वारा दायर लिखित शिकायत के बाद हुई, जिसमें उन्होंने दत्ता पर उनसे पैसे वसूलने का आरोप लगाया था।
इसके अलावा, अतीत में भी उनके इलाके में भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और गुंडागर्दी में उनकी संलिप्तता को लेकर कई शिकायतें दर्ज की गई थीं। बाद में, जब जांच अधिकारियों ने दत्ता के खिलाफ जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया तो उन्हें उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले।
दत्ता, जो 2011 से 2021 तक उत्तर 24 परगना के राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के दो बार के विधायक रहे, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
2021 में उन्होंने उसी जिले के बिधाननगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और तृणमूल कांग्रेस के तीन बार के पूर्व विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस से हार गए।
संयोगवश बोस भी न्यायिक हिरासत में हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने उन्हें पिछले महीने राज्य में नगरपालिकाओं की नौकरियों के बदले करोड़ों रुपए के नकद भुगतान के मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था।
2021 के विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी। दत्ता ने भाजपा छोड़ दी और सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो गए।
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में दत्ता ने उसी जिले के बारासात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
Source: IANS

