रोहित रॉय के 'डस्टबिन मीडियम' वाले बयान से चाहत खन्ना सहमत, बोलीं-

मुंबई, 15 सितंबर । एक्ट्रेस चाहत खन्ना ने टीवी इंडस्ट्री को लेकर चल रही बहस के बीच रोहित रॉय के हालिया विवादित बयान पर अपनी राय रखी है। रोहित ने अपने एक इंटरव्यू में टीवी को 'डस्टबिन मीडियम' तक कह दिया था और मौजूदा टीवी कंटेंट की क्वालिटी, कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे।

अब चाहत खन्ना ने भी माना है कि अगर बात कहानी और क्रिएटिविटी की हो तो टीवी इस समय फिल्मों और ओटीटी से काफी पीछे है। हालांकि, चाहत ने यह भी साफ किया कि उन्होंने रोहित का पूरा इंटरव्यू नहीं देखा है, इसलिए वह उनके पूरे बयान पर कमेंट नहीं करना चाहतीं।

आईएएनएस से खास बातचीत में चाहत ने कहा, ''मैं खुद टीवी से आई हूं और इस माध्यम की बहुत इज्जत करती हूं। टीवी ने मुझे एक एक्टर के तौर पर मजबूत बनाया है। यहां एक्टर्स को लंबे समय तक लगातार शूटिंग करनी पड़ती है। कई बार 12 से 15 घंटे तक शूट करना सामान्य बात लगती है। फिल्मों में काम करने का तरीका अलग है और वहां क्रिएटिविटी को अलग तरह से ट्रीट किया जाता है। वहीं ओटीटी में भी कहानी की डिटेलिंग और क्रिएटिविटी का तरीका टीवी से काफी अलग है।''

एक्ट्रेस ने रोहित रॉय की बात के उस हिस्से से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने टीवी के मौजूदा कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे। चाहत ने कहा, ''अगर कहानी और क्रिएटिविटी की बात की जाए तो टीवी को अभी काफी आगे जाने की जरूरत है। टीवी का कंटेंट मास ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। दर्शक जिस तरह की कहानियां और शोज देखना चाहते हैं, मेकर्स भी उसी डिमांड के हिसाब से कंटेंट बनाते हैं। यह पूरी तरह बिजनेस का हिस्सा है। अगर किसी तरह का कंटेंट बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं, तो उसे बार-बार बनाए जाने के पीछे एक मार्केट डिमांड भी होती है।''

चाहत ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया, ''मुझे कई ऐसे टीवी शोज के ऑफर मिलते हैं, जिनसे मैं खुद कनेक्ट नहीं कर पाती। खासतौर पर 'नागिन' जैसे शोज, जिनसे मैं जुड़ नहीं पाती। अगर कोई एक्टर क्रिएटिव है तो उसके लिए टीवी के कुछ मौजूदा कॉन्सेप्ट से जुड़ना मुश्किल हो सकता है।''

चाहत ने आगे कहा, ''अगर मैं ऐसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ पाती तो शायद करियर के लिए चीजें और बेहतर होती। जो चीज मुझे पसंद आती है और जिससे मैं खुद जुड़ाव महसूस करती हूं, वही काम करना मेरे लिए ज्यादा जरूरी है।''

गौरतलब है कि रोहित रॉय ने हाल ही में एक इंटरव्यू में टीवी और फिल्मों के बीच के फर्क पर बात की थी। टीवी के पॉपुलर चेहरों में शामिल रहे रोहित ने कहा था कि मौजूदा समय में टीवी पर आने वाला काफी कंटेंट जल्दी भुला दिया जाता है और कई शोज में एक जैसे कॉन्सेप्ट दोहराए जाते हैं। उन्होंने टीवी को 'डस्टबिन मीडियम' बताते हुए इसकी क्रिएटिविटी पर सवाल उठाया था।

Source: IANS

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