मानसी जोशी रॉय ने बताया क्यों बंद किया था बप्पा का स्वागत?
अभिनेत्री मानसी जोशी इन दिनों टीवी सीरियल 'लक्ष्मी निवास' में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि एक समय वह कामों में इतनी उलझ गई थीं कि उन्हें लगने लगा था कि बप्पा के साथ उनका जुड़ाव खत्म हो रहा है।

मुंबई, 24 सितंबर । अभिनेत्री मानसी जोशी इन दिनों टीवी सीरियल 'लक्ष्मी निवास' में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि एक समय वह कामों में इतनी उलझ गई थीं कि उन्हें लगने लगा था कि बप्पा के साथ उनका जुड़ाव खत्म हो रहा है।
अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि बिजी शेड्यूल की वजह से उन्होंने गणेशोत्सव मनाना बंद कर दिया था, तब तक कि 2023 में उनके पति रोहित रॉय ने घर में बप्पा को लाने की जिद नहीं की थी।
अभिनेत्री ने बताया, "पहले हर साल भगवान गणपति हमारे घर आते थे। हमने डेढ़ दिन से लेकर 3 दिन तक उनकी मूर्ति रखनी शुरू की। इस दौरान मैं आयोजन का दायरा बढ़ता जा रहा था, जैसे लोगों का आना-जाना, खाना-पीना, तैयारियां और इन सब में एक साल अचानक मुझे एहसास होता है कि मैं उनसे अपना जुड़ाव खोती जा रही हूं क्योंकि मैं बाकी चीजों में बहुत ज्यादा व्यस्त रहने लगी थी। जब मैंने ये बात अपनी ननद से कही, जो मुझसे ज्यादा धार्मिक हैं और हमसे बहुत पहले से बप्पा को घर ला रही हैं, तो उन्होंने मेरी बात पर सहमति जताते हुए कहा- 'हम सब चीजों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि मैं अपने भगवान से बात ही नहीं कर पाई'।"
अभिनेत्री ने बताया कि उनकी ननद को भी एहसास हुआ कि सेलिब्रेशन एक बड़े सोशल इवेंट में बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं उन्होंने भी भगवान से बात करना बंद कर दी थी।
अभिनेत्री ने कहा, "मैं सिर्फ देर रात उनके सामने बैठकर ही उनसे जुड़ाव महसूस कर पाती थी। पूरा दिन बस भागदौड़ में ही निकल जाता था। ऐसा नहीं है कि हमें ये अच्छा नहीं लगता था, बस हम कुछ और चाहते थे। हम सभी जानते हैं कि ये धार्मिक त्योहार के तौर पर शुरू नहीं हुआ था, इसे लोकमान्य तिलक ने शुरू किया था ताकि अंग्रेजों को शक हुए बिना लोगों को एक जगह इकट्ठा किया जा सके और फिर ये सब अब बहुत बड़े इवेंट में बदल गए है, लोग कहते हैं 'अरे, मुझे तो कई जगह जाना है' और जिनके घर बप्पा आते हैं, वे पूरे समय सामाजिक कामों में ही व्यस्त रहते हैं।"
अभिनेत्री मानसी जोशी ने कहा, "इसलिए 2015 में हमने गणेशोत्सव मनाना बंद कर दिया। वे साल भर हमारे मंदिर और हमारी प्रार्थनाओं में थे, बस हम पूरे रीति-रिवाज नहीं कर रहे थे, लेकिन कहते हैं न, 'भगवान के काम निराले होते हैं'। इस साल, लगभग एक दशक बाद 2023 में रोहित ने कहा, 'मैं इस साल गणेश चतुर्थी पर गनु को घर लाना चाहता हूं, लेकिन साधारण तरीके से और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। अब मैं और मेरे पति बिल्कुल वैसा ही करते हैं।"
Source: IANS

