थिएटर एक आईना है, जहां लोग मुझे नहीं, अपनी संभावनाओं को देखते हैं: अनुपम खेर

मुंबई, 3 अप्रैल। अभिनेता अनुपम खेर ने फिल्मों के अलावा रंगमंच पर भी अलग पहचान बनाई है। उनका लोकप्रिय नाटक 'कुछ भी हो सकता है' को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। हाल ही में इस नाटक के एक शो में अनुपम खेर को दर्शकों की तरफ से स्टैंडिंग ओवेशन मिली।

इस माहौल में अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। अनुपम ने खुश होकर लिखा, "मंच पर खड़ा होना और पूरे हॉल का खड़ा होकर तालियां बजाना हमेशा दिल को छू लेता है लेकिन इतने सालों के अनुभव के बाद मैंने एक बड़ी बात समझ ली है। 'कुछ भी हो सकता है' के लिए मिली ये तालियां सिर्फ मेरे अभिनय या कहानी सुनाने के लिए नहीं हैं। ये शायद मेरी पूरी जिंदगी के लिए भी हैं।"

अनुपम ने आगे लिखा, "मेरी मुश्किलों, मेरी असफलताओं और उन जोखिमों के लिए जो मैंने कदम उठाए और सबसे बड़ी बात उस हिम्मत व रवैए के लिए जिससे मैंने सबका सामना किया। जब लोग खड़े होकर तालियाँ बजाते हैं, तो वे सिर्फ मुझे नहीं सराह रहे होते। वे एक संभावना की सराहना कर रहे होते हैं।"

अनुपम का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सब कुछ सहने के बावजूद मजबूती से खड़ा हो सकता है, तो शायद मैं भी कर सकता हूं। उस पल में तालियां बहुत व्यक्तिगत हो जाती हैं। वे दर्शकों के अपने साहस, सपनों और अधूरी कहानियों का जश्न बन जाती हैं।

उन्होंने लिखा, "तब थिएटर सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रह जाता, यह एक आईना बन जाता है। एक ऐसा आईना जिसमें लोग सिर्फ मुझे नहीं देखते बल्कि खुद को देखते हैं। और शायद अपने दिल से फुसफुसाते हैं- 'कुछ भी हो सकता है।'"

अनुपम को रंगमंच की दुनिया से बेहद प्यार है, यह उनके शो से ही पता चलता है। अभिनेता ने एक बार आईएएनएस के साथ बातचीत में थिएटर में अभिनय करने के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, "यह मेरे अंदर के अभिनेता को जिंदा रखता है। इसके जरिए मैं अपने अभिनय को बेहतर बनाता हूं।"

Source: IANS

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