40 के बाद भी खुद को रखना है जवां और निरोगी, फॉलो करें ये आसान टिप्स

नई दिल्ली, 3 अप्रैल। 40 की उम्र तक आते-आते पुरुषों का पेट बाहर निकलने लगता है और शरीर में बहुत कमजोरी महसूस होती है और दूसरी तरफ महिलाएं मेनोपॉज की वजह से चिड़चिड़ी और कमजोर महसूस करने लगती हैं। 

40 की उम्र में महिला और पुरुष दोनों में शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं, लेकिन अगर आप भी 40 की उम्र में तन और मन से जवान महसूस करना चाहते हैं, तो आयुर्वेद में कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं, जिनसे आप अपने शरीर को निरोगी बना सकते हैं और चेहरे को खूबसूरत और जवां।

40 की उम्र में मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे पाचन की समस्या होती है और फिर धीरे-धीरे पेट बाहर निकलने लगता है। वहीं महिलाओं में मोनोपॉज की स्थिति करीब आ जाती है और पोषण तत्वों की कमी की वजह से महिलाओं का शरीर भी कमजोर हो जाता है। महिलाओं और पुरुषों में जोड़ों में दर्द की समस्या और चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगती हैं। मधुमेह और ब्लड प्रेशर की समस्या भी होने लगती है। ऐसे में खुद का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

आयुर्वेद के 40 की उम्र में कुछ रसायनों के सेवन की सलाह दी जाती है, जैसे अश्वगंधा, सफेद मूसली, और शतावरी। इन्हें दूध के साथ लेने से बहुत आराम मिलता है और शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है। अश्वगंधा और सफेद मूसली शारीरिक कमजोरी को दूर करती है, जबकि शतावरी महिलाओं में मेनोपॉज की वजह से होने वाले हार्मोन के बदलाव को नियंत्रित करती है और गर्भाशय से जुड़ी परेशानी को भी कम करने में मदद करती है।

इसके साथ ही गहरी और अच्छी नींद लेना भी आवश्यक है। गहरी और अच्छी नींद के लिए रात के समय तलवों की मालिश करें। इससे तंत्रिका तंत्र शांत होता है और नींद अच्छी और गहरी आती है। अच्छी नींद चेहरे पर निखार लाती है और शरीर की मरम्मत करने में भी मदद करती है।

बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द की परेशानी आम है। इसके लिए हफ्ते में तीन बार कम से कम पूरे शरीर की तेल मालिश करें। इससे रक्त का संचार अच्छा होगा और जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलेगा। इसके साथ मानसिक शांति भी बहुत जरूरी है। मन की शांति शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसके लिए दिनचर्या में प्राणायाम जरूर शामिल करें।

Source: IANS

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