सरकार ने लॉन्च किया 'स्वस्थ भारत पोर्टल', अब एक ही प्लेटफॉर्म से

नई दिल्ली, 6 मई । बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने देश के विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए 'स्वस्थ भारत पोर्टल' लॉन्च किया है।

इस पोर्टल को एपीआई-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के रूप में डिजाइन किया गया है ताकि अलग-अलग सिस्टम और बिखरे हुए डाटासेट को एक जगह लाया जा सके। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और बार-बार एक ही डाटा भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस पोर्टल के जरिए सभी स्वास्थ्य सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़ेंगी, जिससे काम करने में आसानी होगी और अलग-अलग एप्लिकेशन के बीच तालमेल बेहतर बनेगा।

यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाएं एक ही इंटरफेस पर उपलब्ध होंगी। इससे बार-बार लॉगिन करने और डाटा एंट्री करने की समस्या खत्म होगी और काम की गति बढ़ेगी।

भारत में काम करने वाले फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स, जैसे आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स दाई, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल अधिकारी, को अभी तक रिपोर्टिंग के लिए कई अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करना पड़ता था, जिसमें काफी समय लगता था।

नया पोर्टल इस समस्या को हल करता है और एक ही जगह पर सभी सेवाओं की सुविधा देता है। इसमें डाटा देखने और समझने के लिए विशेष टूल भी दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।

यह प्लेटफॉर्म 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' के अनुसार तैयार किया गया है और 'आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट' के साथ भी जुड़ा हुआ है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से साझा किए जा सकेंगे।

भविष्य में इसे और विकसित कर एक बड़े डिजिटल हेल्थ सिस्टम के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्टर और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर जैसे राष्ट्रीय डाटाबेस भी जोड़े जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस पोर्टल से इंफ्रास्ट्रक्चर लागत में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत होगी और डाटा एंट्री का काम लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इससे कर्मचारियों पर काम का बोझ भी घटेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बयान में बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (जे पी नड्डा) ने इस पोर्टल को 'नवाचार और समावेशन पर आयोजित 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन' के दौरान लॉन्च किया।

यह सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे विभिन्न सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल संभव होगा और डाटा का आदान-प्रदान तेज और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा।

फिलहाल अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सर्वर और संसाधनों का इस्तेमाल होता है, लेकिन इस पोर्टल के जरिए इन्हें एक साथ जोड़ दिया जाएगा, जिससे लागत कम होगी और काम ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा।

बयान में कहा गया है कि यह पोर्टल देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य सिस्टम में बड़ा बदलाव लाएगा और बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter