सादा दूध छोड़िये, गर्मियों में भी दूध को बनायें अपना "पौष्टिक फेवरेट ड्रिंक"
सर्दियों में दूध पीने की सलाह तो हर कोई देता है, लेकिन गर्मियों में अक्सर लोग दूध छोड़कर लस्सी या छाछ पर शिफ्ट हो जाते हैं, जो सही नहीं माना जाता।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल। सर्दियों में दूध पीने की सलाह तो हर कोई देता है, लेकिन गर्मियों में अक्सर लोग दूध छोड़कर लस्सी या छाछ पर शिफ्ट हो जाते हैं, जो सही नहीं माना जाता।
रात में गुनगुना दूध पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। भारतीय परंपरा में दूध को सदियों से “पूर्ण आहार” का दर्जा दिया गया है, वहीं आयुर्वेद में इसे केवल पोषण नहीं, बल्कि एक प्रभावी औषधि भी माना जाता है, हालांकि इसका सही समय और सही तरीका जानना बेहद जरूरी है।
दूध न सिर्फ शरीर को ऊर्जा और पोषण देता है, बल्कि मन को भी शांत करता है। अगर इसे सही तरीके से लिया जाए, तो यह कई बीमारियों से बचाव में मददगार हो सकता है। आमतौर पर लोग सादा दूध पीते हैं, लेकिन इसमें कुछ औषधीय चीजें मिलाने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं।
हल्दी वाला दूध: इसे गर्मियों में भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। इस मौसम में सिर्फ एक चुटकी हल्दी ही पर्याप्त होती है।
केसर वाला दूध: अगर महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम है तो केसर का दूध गर्भाशय को मजबूती देने का काम करता है। इससे त्वचा और बाल भी खिल उठते हैं।
अश्वगंधा वाला दूध: अश्वगंधा को आयुर्वेद में त्रिदोष को संतुलित करने की औषधि माना गया है। अगर शरीर में कमजोरी और हड्डियों में दर्द की समस्या बनी रहती है तो अश्वगंधा दूध फायदेमंद रहेगा। यह पुरुषों की कमजोरी को भी दूर करने में मदद करता है।
जायफल वाला दूध: यह दूध उन लोगों के लिए दवा की तरह काम करेगा, जिन्हें हर बदलते मौसम के साथ संक्रमण घेर लेता है। मौसम बदलते ही खांसी-जुकाम हो जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और सर्दी और जुकाम से भी राहत देता है।
दालचीनी वाला दूध: मधुमेह के रोगियों के लिए दालचीनी का दूध शुगर को नियंत्रित करने में लाभकारी है। यह दूध शुगर को नियंत्रित कर मस्तिष्क को भी शांत रखने में मदद करता है, जिससे नींद न आने की समस्या कम होती है।
Source: IANS

