गर्मियों में विशेष लाभदायक चंद्रभेदन प्राणायाम, शरीर को राहत तो मन को करे शांत

नई दिल्ली, 11 अप्रैल। गर्मियों के बढ़ते तापमान में शरीर की गर्मी कम करने और मन को शांत रखने के लिए चंद्रभेदन प्राणायाम बहुत उपयोगी साबित होता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्राणायाम गर्मी के मौसम में विशेष रूप से लाभदायी है। यह न सिर्फ शरीर को ठंडक प्रदान करता है बल्कि मन को भी स्थिर और शांत बनाता है। 

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, चंद्र भेदन प्राणायाम मुख्य रूप से बाएं नासाछिद्र से सांस लेने और दाएं नासाछिद्र से सांस छोड़ने की प्रक्रिया पर आधारित है। यह प्राणायाम पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे गर्मी के कारण होने वाली परेशानियां जैसे चिड़चिड़ापन, अधिक पसीना और नींद की कमी में राहत मिलती है।

एक्सपर्ट चंद्रभेदन प्राणायाम करने का सही तरीका भी बताते हैं, इसके लिए खाली पेट शांत और साफ जगह पर सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में आराम से बैठ जाएं। दाहिने हाथ से नासिका मुद्रा बनाएं। इसमें दाएं हाथ का अंगूठा दाएं नासाछिद्र पर रखें।

बाएं नासाछिद्र से धीरे-धीरे और गहरी सांस अंदर लें। बाएं नासाछिद्र को अंगूठे से बंद करें और दाएं नासाछिद्र से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को 5 से 10 मिनट तक नियमित रूप से दोहराएं। शुरुआत में 5 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। इस प्राणायाम को सुबह या शाम के समय करना अच्छा रहता है।

चंद्रभेदन प्राणायाम के अभ्यास से तन मन को एक-दो नहीं कई फायदे मिलते हैं। यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है और ठंडक का अनुभव कराता है। मन को शांत और स्थिर बनाता है, तनाव और चिंता कम करता है। नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होता है। पित्त दोष को संतुलित रखता है, जिससे गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं कम होती हैं। सिरदर्द, जलन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है।

योग गुरुओं के अनुसार, गर्मी के मौसम में नियमित रूप से चंद्रभेदन प्राणायाम करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। यह प्राणायाम किसी भी उम्र के व्यक्ति द्वारा आसानी से किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर बीमारी वाले लोग इसे करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Source: IANS

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