गर्मियों में सेहत का खजाना है कटहल, फाइबर से भरपूर फल दिल को रखे मजबूत

नई दिल्ली, 20 मार्च । शीत ऋतु की विदाई और ग्रीष्मकाल के आगमन के साथ ही बाजारों में कटहल की उपलब्धता बढ़ जाती है। हालांकि, प्रत्येक क्षेत्र में इसे पकाने की विधियाँ भिन्न हो सकती हैं, किंतु स्वाद के मामले में इसका कोई सानी नहीं है। यद्यपि इसे काटना और बनाना थोड़ा मुश्किल कार्य हो सकता है, पर बहुत कम लोग जानते हैं कि कटहल वास्तव में स्वास्थ्य का खजाना है।  

पोषक तत्वों की प्रचुरता के कारण इसे 'सब्जियों का सुपरफूड' भी कहा जा सकता है। विशेष रूप से, यह फाइबर का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है।

आयुर्वेद में कटहल को भारी और चिकनाई वाली सब्जी माना गया है, जो शरीर के पोषण की जरूरतों को पूरा करता है। कटहल को अगर सही तरीके से पकाया जाए को यह शरीर में वात का संतुलन भी करता है लेकिन अगर पाचन अग्नि मंद है तो इसका सेवन कम से कम करें क्योंकि इसे पचाने में पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। भारी और चिकनाई युक्त होने की वजह से इसके पाचन में लंबा समय लगता है।

कटहल के सेवन के बहुत सारे लाभ होते हैं, और शुगर के मरीजों के लिए यह सब्जी एक बेहतर विकल्प है। इसका 'ग्लाइसेमिक इंडेक्स' कम होता है, जो रक्त में शर्करा की मात्रा को कम करता है। यह हृदय के लिए भी लाभकारी होती है और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मददगार है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जो हृदय से जुड़े रोगों के खतरे को कम करता है।

कटहल में अधिक मात्रा में फाइबर भी होता है। अगर कब्ज या आंतों में गंदगी जमा रहती है, तो कटहल का सेवन आंतों को साफ करने में भी सहायक है। यह आंतों के लिए एक ब्रश की तरह काम करता है, जो गंदगी को जल्दी से जल्दी शरीर से बाहर निकालता है। पेट के साथ-साथ यह सब्जी सौंदर्य को बढ़ाने में भी लाभकारी है।

इसमें मौजूद विटामिन ए और सी मिलकर स्किन और बालों को निखारने का काम करते हैं। इसके साथ ही कुछ लोगों को कटहल के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। गैस या मंद पाचन वाले लोगों को इसका सेवन कम ही करना चाहिए। अगर शरीर में वात की अधिकता है, तो इसे कम मसालों के साथ बनाएं और सीमित मात्रा में ही खाएं।

Source: IANS

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