जिंक शरीर का 'रिपेयर मैनेजर', जिसकी कमी शरीर को कर सकती है बेहद कमजोर

नई दिल्ली, 21 अप्रैल । आज के समय में विटामिन और प्रोटीन के बारे में सभी बात करते हैं और शरीर में उनके स्तर को ठीक बनाए रखने के लिए सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं।

विटामिन और प्रोटीन के अलावा हमारे शरीर में कई ऐसे खनिज और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जो साइलेंट तरीके से शरीर की ऊर्जा को बनाए रखते हैं, जैसे जिंक। जिंक को आयुर्वेद और विज्ञान दोनों में शरीर के लिए महत्वपूर्ण माना है; इसे शरीर का 'रिपेयर मैनेजर' माना जाता है, जो शरीर में हार्मोन संतुलन से लेकर एंजाइम्स को सक्रिय करने का काम करता है।

शरीर में छिपकर काम करने वाले जिंक की कमी से शरीर बेहद कमजोर हो जाता है। इसी कमी से थकान, बार-बार बुखार आना, घाव देर से भरना, भूख की कमी, बालों का तेजी से झड़ना और मानसिक रूप से बेवजह थकान होती है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरीके से प्रभावित होती है क्योंकि जिंक हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का मुख्य आधार है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं को सक्रिय करता है और बाहरी संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता है।

वहीं, बच्चों के विकास में भी जिंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जिंक बहुत आवश्यक है। यह हड्डियों को मजबूती देने से लेकर मस्तिष्क की कार्यक्षमता को मजबूत करता है। इसके साथ ही जिंक घावों का देरी से भरना, बार-बार सर्दी-जुकाम होना और भूख में कमी को भी ठीक करता है। यह त्वचा की कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जिंक अच्छी मात्रा में मांसाहारी खाने में मिलता है। यह अंडा, मछली, चिकन और झींगे में अच्छी मात्रा में मिल जाता है। वहीं, अगर आप शाकाहारी हैं तो केला, पालक, कद्दू के बीज, बादाम, अखरोट, तिल, ब्रोकली और दूध-दही में जिंक मिल जाता है। अब सवाल है कि कितना जिंक शरीर के लिए जरूरी है।

वयस्क पुरुषों के लिए रोजाना 11 मिलीग्राम जिंक जरूरी है, जबकि महिलाओं के लिए इसकी मात्रा 8 मिलीग्राम तय की गई है। वहीं, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 12 मिलीग्राम और 13 मिलीग्राम जिंक जरूरी है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement